Home
Login

Color

Indigo
Red
Green
Teal
Blue
Purple
Rose

Mode

Light
EN

आवेशों के चारों ओर विद्युत क्षेत्र देखें

किसी आवेश के चारों ओर का वह क्षेत्र जिसमें कोई दूसरा आवेश आकर्षण या प्रतिकर्षण बल अनुभव करता है, विद्युत क्षेत्र कहलाता है। किसी बिंदु पर एकांक धन परीक्षण आवेश पर लगने वाला बल उस बिंदु पर विद्युत क्षेत्र की तीव्रता है, E = kq/r²। नीचे आवेश खींचें और क्षेत्र रेखाएँ तुरंत बदलती देखें।

आवेश खींचें · हटाने के लिए डबल-क्लिक · माउस रखकर E देखें

क्षेत्र रेखाधन आवेशऋण आवेशपरीक्षण आवेश (+1 nC)
गति

नियंत्रण

आवेशों की व्यवस्था

2.0 µC

आवेश का प्रकार

मापन

बिंदु पर तीव्रता, E
4.46 × 10⁶N/C
E की दिशा (+x से)
50°
बिंदु पर विभव, V
2.32 × 10⁵V
निकटतम आवेश से दूरी, r
6.4cm
परीक्षण आवेश पर बल, F
4.46 × 10⁻³N
कुल आवेश
0.0µC

सिमुलेशन का उपयोग कैसे करें

  1. "आवेशों की व्यवस्था" से एकल आवेश, द्विध्रुव, दो सजातीय आवेश या चार आवेश चुनें।
  2. किसी भी आवेश को खींचें — क्षेत्र रेखाएँ तुरंत नए सिरे से बनेंगी। डबल-क्लिक करने पर आवेश हट जाएगा।
  3. किसी आवेश पर क्लिक करके उसे चुनें और स्लाइडर से उसका मान बदलें — रेखाओं की संख्या भी बदलेगी।
  4. माउस या उँगली किसी भी बिंदु पर रखें: वहाँ E का मान, दिशा और विभव V मापन पैनल में दिखेगा।
  5. ▶ दबाएँ और नारंगी +1 nC परीक्षण आवेश को छोड़ें — देखें क्षेत्र उसे किस ओर धकेलता है।

कंघी कागज़ के टुकड़े क्यों खींचती है?

सूखे बालों में प्लास्टिक की कंघी कुछ बार तेज़ी से फेरिए और मेज़ पर रखे कागज़ के छोटे टुकड़ों के पास ले जाइए। कंघी के छूने से पहले ही टुकड़े उछलकर उससे चिपक जाते हैं! न कोई धागा है, न कोई धक्का, फिर भी बल काम कर रहा है।

सर्दियों में ऊनी स्वेटर उतारते समय चट-चट की आवाज़, या कार का दरवाज़ा छूते ही हल्का झटका — ये सब एक ही कहानी है। और मानसून में आसमान में जो बिजली कड़कती है, वह इसका सबसे बड़ा रूप है: बादलों में जमा भारी आवेश हवा को चीरकर ज़मीन तक पहुँच जाता है।

इन सभी के पीछे आवेश और उसके चारों ओर का एक अदृश्य प्रभाव-क्षेत्र है — विद्युत क्षेत्र। इस पेज पर हम उस अदृश्य चीज़ को आँखों से देखेंगे और कदम-दर-कदम समझेंगे कि उसे मापा कैसे जाता है।

बिल्कुल शुरुआत से: आवेश और क्षेत्र

हर पदार्थ परमाणुओं से बना है, और परमाणु में धन आवेशित प्रोटॉन और ऋण आवेशित इलेक्ट्रॉन होते हैं। सामान्य अवस्था में दोनों बराबर होते हैं, इसलिए वस्तु उदासीन रहती है। बालों में कंघी फेरने पर कुछ इलेक्ट्रॉन बालों से कंघी पर चले जाते हैं — कंघी ऋण आवेशित और बाल धन आवेशित हो जाते हैं। आवेश का SI मात्रक कूलॉम (C) है।

अब सोचिए, पृथ्वी आपको बिना छुए नीचे खींचती है — क्योंकि उसके चारों ओर गुरुत्वीय क्षेत्र है। चुंबक दूर से ही लोहे की पिन खींच लेता है — उसके चारों ओर चुंबकीय क्षेत्र है। ठीक इसी तरह हर आवेश अपने आसपास की जगह को "बदल" देता है, और उस जगह में आने वाला कोई भी दूसरा आवेश बल महसूस करता है।

आवेश के चारों ओर का यही प्रभाव-क्षेत्र विद्युत क्षेत्र है। एक आसान तुलना: कमरे में बज रहे स्पीकर की आवाज़ पास में तेज़ और दरवाज़े के पास धीमी सुनाई देती है। विद्युत क्षेत्र भी ऐसा ही है — आवेश के पास प्रबल, दूर जाने पर कमज़ोर।

आवेशों का नियम बस एक पंक्ति में याद रखिए: सजातीय आवेश एक-दूसरे को प्रतिकर्षित करते हैं, विजातीय आवेश आकर्षित करते हैं।

बार-बार आने वाले शब्द

आगे पढ़ते समय कहीं अटकें नहीं, इसलिए ज़रूरी शब्द एक जगह:

शब्दआसान भाषा में अर्थप्रतीक और मात्रक
आवेशपदार्थ का वह गुण जिसके कारण वह विद्युत बल महसूस करता है या लगाता हैq, कूलॉम (C)
कूलॉमआवेश का SI मात्रक; एक इलेक्ट्रॉन पर केवल 1.6 × 10⁻¹⁹ C आवेश होता हैC
परीक्षण आवेशबहुत छोटा धन आवेश जिससे क्षेत्र को बिना बिगाड़े मापा जाता हैq₀
विद्युत क्षेत्र की तीव्रताकिसी बिंदु पर एकांक धन आवेश पर लगने वाला बलE, N C⁻¹ या V m⁻¹
विद्युत क्षेत्र रेखाकाल्पनिक रेखा जिसके किसी बिंदु पर खींची गई स्पर्श रेखा वहाँ E की दिशा बताती है—
विद्युत विभवअनंत से एकांक धन आवेश को उस बिंदु तक लाने में किया गया कार्यV, वोल्ट (V)
विद्युतशीलतामाध्यम विद्युत बल को कितना कमज़ोर करता है; निर्वात में ε₀ε₀ = 8.85 × 10⁻¹² C² N⁻¹ m⁻²

कूलॉम के नियम से विद्युत क्षेत्र की तीव्रता तक

क्षेत्र को संख्या में मापने के लिए पहले जानना होगा कि दो आवेशों के बीच बल कितना है। इसका जवाब कूलॉम का नियम देता है।

कूलॉम का नियम

दो बिंदु आवेशों के बीच लगने वाला बल दोनों आवेशों के गुणनफल के अनुक्रमानुपाती और उनके बीच की दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है। बल दोनों आवेशों को मिलाने वाली सरल रेखा के अनुदिश लगता है।

"दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती" का मतलब बहुत अहम है: दूरी दोगुनी करने पर बल एक-चौथाई, तिगुनी करने पर एक-नौवाँ हो जाता है। थोड़ा दूर जाते ही बल बहुत घट जाता है।

F = k·q₁q₂ / r²कूलॉम का नियम

k = 1/(4πε₀) ≈ 9 × 10⁹ N m² C⁻²निर्वात में कूलॉम नियतांक

तीव्रता की परिभाषा

क्षेत्र के किसी बिंदु पर एक बहुत छोटा धन परीक्षण आवेश q₀ रखिए। उस पर लगने वाले बल F को q₀ से भाग दीजिए — यही उस बिंदु पर विद्युत क्षेत्र की तीव्रता है। भाग क्यों? ताकि उत्तर परीक्षण आवेश के आकार पर नहीं, केवल क्षेत्र पर निर्भर करे।

E = F / q₀परिभाषा

E = k·q / r²बिंदु आवेश q से r दूरी पर तीव्रता

दिशा कैसे तय करें

विद्युत क्षेत्र की तीव्रता एक सदिश राशि है — इसका परिमाण भी है और दिशा भी। आसान तरीका: उस बिंदु पर एक धन परीक्षण आवेश की कल्पना कीजिए; वह जिस ओर धकेला जाए, वही E की दिशा है।

  • धन आवेश के चारों ओर E बाहर की ओर, आवेश से दूर।
  • ऋण आवेश के चारों ओर E अंदर की ओर, आवेश की तरफ़।
  • क्षेत्र में रखा ऋण आवेश (जैसे इलेक्ट्रॉन) E की उलटी दिशा में बल महसूस करता है।

कई आवेश हों तो: अध्यारोपण

कई आवेश हों तो हर आवेश का E अलग-अलग निकालिए, फिर सदिश नियम से जोड़िए। एक ही दिशा में हों तो सीधा जोड़, उलटी दिशा में हों तो घटाना, कोण हो तो सदिश योग का सूत्र।

E⃗ = E⃗₁ + E⃗₂ + E⃗₃ + …अध्यारोपण का सिद्धांत

विद्युत क्षेत्र का मात्रक

E = F/q₀ से मात्रक न्यूटन/कूलॉम (N C⁻¹) आता है। दूसरे तरीके से यही राशि वोल्ट/मीटर (V m⁻¹) में आती है। दोनों बराबर हैं: 1 N C⁻¹ = 1 V m⁻¹, परीक्षा में कोई भी लिख सकते हैं।

विद्युत क्षेत्र रेखाएँ: अदृश्य क्षेत्र की तस्वीर

क्षेत्र दिखता नहीं, इसलिए फैराडे ने एक शानदार तरीका दिया — ऐसी काल्पनिक रेखाएँ खींचो जिनके किसी भी बिंदु पर स्पर्श रेखा वहाँ E की दिशा बताए। यही विद्युत क्षेत्र रेखाएँ हैं। ऊपर के सिमुलेशन में तैरती रेखाएँ ठीक इसी तरह गणना करके बनाई गई हैं।

गुणों को रटने के बजाय हर एक का "क्यों" समझिए, फिर कभी नहीं भूलेंगे:

  • क्षेत्र रेखाएँ धन आवेश से निकलकर ऋण आवेश पर समाप्त होती हैं — क्योंकि धन परीक्षण आवेश धन से दूर और ऋण की ओर जाता है।
  • दो क्षेत्र रेखाएँ कभी एक-दूसरे को नहीं काटतीं — काटतीं तो कटान बिंदु पर दो स्पर्श रेखाएँ, यानी E की दो दिशाएँ होतीं, जो असंभव है।
  • जहाँ रेखाएँ घनी हैं वहाँ क्षेत्र प्रबल, जहाँ विरल हैं वहाँ दुर्बल — इसलिए आवेश के पास रेखाएँ घनी और दूर विरल होती हैं।
  • क्षेत्र रेखाएँ चालक की सतह पर लंबवत मिलती हैं — तिरछी होतीं तो सतह के अनुदिश एक घटक होता और आवेश सतह पर खिसकने लगते।
  • स्थिर आवेशों की क्षेत्र रेखाएँ बंद लूप नहीं बनातीं — चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं से यह बड़ा अंतर है।
  • आवेश जितना बड़ा, उससे उतनी अधिक रेखाएँ निकलती या उसमें प्रवेश करती हैं।

एकल आवेश

अकेले धन आवेश की रेखाएँ साइकिल के पहिये की तीलियों की तरह हर दिशा में सीधी बाहर निकलती हैं; ऋण आवेश में वही पैटर्न, बस तीर अंदर की ओर।

विद्युत द्विध्रुव

बराबर और विपरीत दो आवेश पास-पास हों तो रेखाएँ धन से निकलकर मुड़ती हुई ऋण में प्रवेश करती हैं — खिंचे हुए मेहराबों जैसी। दोनों के बीच रेखाएँ सबसे घनी होती हैं।

दो सजातीय आवेश

दो धन आवेशों की रेखाएँ जैसे एक-दूसरे को दूर धकेलती हैं। दो बराबर आवेशों के ठीक बीच में दोनों क्षेत्र निरस्त हो जाते हैं — यह उदासीन बिंदु है, जहाँ E = 0।

क्या विद्युत क्षेत्र और विभव एक ही हैं?

नहीं, और यह परीक्षा का पसंदीदा प्रश्न है। तीव्रता बताती है कि एकांक आवेश कितनी ज़ोर से और किस दिशा में धकेला जाएगा; विभव बताता है कि एकांक आवेश को वहाँ लाने में कितना कार्य लगेगा। पहाड़ सोचिए: विभव किसी जगह की ऊँचाई है और तीव्रता ढलान कितनी तीखी है।

गुणक्षेत्र की तीव्रता (E)विभव (V)
राशि का प्रकारसदिश — दिशा हैअदिश — दिशा नहीं
बिंदु आवेश का सूत्रE = kq/r²V = kq/r
दूरी के साथ घटता है1/r² के अनुसार1/r के अनुसार
मात्रकN C⁻¹ या V m⁻¹J C⁻¹ यानी वोल्ट (V)
कई आवेशों मेंसदिश योगसाधारण बीजगणितीय योग
द्विध्रुव के मध्य बिंदु परशून्य नहींशून्य

सिमुलेशन में खुद प्रयोग करें

पढ़ने के बाद ऊपर जाकर ये प्रयोग एक-एक करके कीजिए। हर प्रयोग किताब के एक नियम को आपकी आँखों के सामने साबित करेगा।

  • "एकल धन आवेश" चुनें और माउस को आवेश के पास से दूर ले जाएँ — मापन पैनल में E कितनी तेज़ी से घटता है देखें। दूरी दोगुनी होने पर क्या मान लगभग एक-चौथाई होता है?
  • "द्विध्रुव" चुनकर दोनों आवेशों के ठीक बीच माउस रखें — E शून्य नहीं है और उसकी दिशा + से − की ओर है।
  • "दो सजातीय आवेश" चुनकर बीच का हिस्सा खोजें — एक जगह E लगभग शून्य हो जाएगा। वही उदासीन बिंदु है।
  • किसी आवेश पर क्लिक करके उसका मान बढ़ाएँ — उससे निकलने वाली रेखाएँ भी बढ़ जाएँगी।
  • ▶ दबाएँ: नारंगी परीक्षण आवेश ऋण आवेश की ओर जाते हुए तेज़ होता जाता है।

हल उदाहरण, कदम-दर-कदम

सभी गणनाओं में k = 9 × 10⁹ N m² C⁻² लिया गया है। हर प्रश्न में पहले मात्रक SI में बदलिए — µC को 10⁻⁶ से गुणा करके C बनाइए, cm को m। ज़्यादातर गलतियाँ यहीं होती हैं।

प्रश्न 1: दो आवेशों के बीच बल

3 µC और −4 µC आवेश 0.2 m दूरी पर हैं। बल कितना है और किस प्रकार का?

हल: F = k·q₁q₂/r² = 9 × 10⁹ × (3 × 10⁻⁶) × (4 × 10⁻⁶) / 0.04 = 2.70 N। आवेश विजातीय हैं, इसलिए बल आकर्षण है।

प्रश्न 2: बिंदु आवेश की तीव्रता और विभव

2 µC आवेश से 0.3 m दूरी पर तीव्रता और विभव ज्ञात कीजिए। वहाँ 1 nC परीक्षण आवेश रखें तो बल कितना होगा?

हल: E = kq/r² = 9 × 10⁹ × 2 × 10⁻⁶ / 0.09 = 2.00 × 10⁵ N C⁻¹, दिशा आवेश से बाहर की ओर। V = kq/r = 6.00 × 10⁴ V। बल F = q₀E = 2.00 × 10⁻⁴ N।

प्रश्न 3: दूरी दोगुनी करने पर

उसी आवेश से 0.6 m दूरी पर E = 5.00 × 10⁴ N C⁻¹ — पहले से 4 गुना कम। क्योंकि E ∝ 1/r², दूरी दोगुनी तो तीव्रता एक-चौथाई। सिमुलेशन में माउस खिसकाकर खुद जाँचिए।

प्रश्न 4: द्विध्रुव के मध्य बिंदु पर तीव्रता

+2 µC और −2 µC आवेश 0.2 m दूरी पर हैं। मध्य बिंदु पर तीव्रता ज्ञात कीजिए।

हल: मध्य बिंदु हर आवेश से 0.1 m दूर है। हर आवेश के लिए E = 9 × 10⁹ × 2 × 10⁻⁶ / (0.1)² = 1.80 × 10⁶ N C⁻¹। धन आवेश का E उससे दूर, यानी ऋण आवेश की ओर; ऋण आवेश का E भी अपनी ओर। दोनों एक ही दिशा में हैं, इसलिए जुड़ेंगे: कुल E = 3.60 × 10⁶ N C⁻¹, ऋण आवेश की ओर।

अगर दोनों +2 µC होते, तो मध्य बिंदु पर दोनों E बराबर और विपरीत होते — कुल E = 0। यही उदासीन बिंदु है।

प्रश्न 5: विद्युत क्षेत्र में इलेक्ट्रॉन

1 × 10⁴ N C⁻¹ के एकसमान क्षेत्र में एक इलेक्ट्रॉन पर बल और त्वरण ज्ञात कीजिए (e = 1.6 × 10⁻¹⁹ C, mₑ = 9.11 × 10⁻³¹ kg)।

हल: F = eE = 1.6 × 10⁻¹⁵ N। त्वरण a = F/m = 1.76 × 10¹⁵ m s⁻²! इलेक्ट्रॉन इतना हल्का है कि साधारण क्षेत्र में भी बहुत बड़ा त्वरण पाता है। बल क्षेत्र की उलटी दिशा में है, क्योंकि इलेक्ट्रॉन ऋण आवेशित है।

ये गलतियाँ लगभग सभी करते हैं

परीक्षा की कॉपियों में ये बार-बार दिखती हैं, पहले से पहचान लीजिए:

  • µC को C में बदले बिना सीधे रख देना — उत्तर 10⁶ गुना गलत।
  • r का वर्ग करना भूल जाना, या विभव के सूत्र में r² रख देना।
  • कई आवेशों के E को दिशा देखे बिना सीधे जोड़ देना — E सदिश है, विभव अदिश।
  • इलेक्ट्रॉन पर बल की दिशा E की दिशा में लिख देना।
  • क्षेत्र रेखा को परीक्षण आवेश का पथ मान लेना — रेखा बल की दिशा बताती है, वेग की नहीं।

असल ज़िंदगी में विद्युत क्षेत्र

विद्युत क्षेत्र सिर्फ़ किताबी बात नहीं है, यह हर दिन आपके आसपास काम कर रहा है:

  • तड़ित चालक: ऊँची इमारत की छत पर नुकीली धातु की छड़, मोटे तार से ज़मीन से जुड़ी। बिजली गिरे तो आवेश दीवारों के बजाय इस आसान रास्ते से सुरक्षित ज़मीन में चला जाता है।
  • फोटोकॉपी मशीन: प्रकाश से एक ड्रम पर पन्ने के आकार में आवेश सजाया जाता है, और पाउडर स्याही (टोनर) केवल आवेशित जगहों पर चिपककर छपाई करती है।
  • स्थिरवैद्युत अवक्षेपक: कारखानों की चिमनियों में धुएँ के कणों को आवेशित करके विपरीत आवेश की प्लेटों पर खींच लिया जाता है, जिससे हवा में कम धूल जाती है।
  • कार में सुरक्षा: आँधी-तूफ़ान में धातु की छत वाली कार के अंदर रहना अपेक्षाकृत सुरक्षित है, क्योंकि आवेश धातु के बाहरी आवरण से होकर निकल जाता है — इसे फैराडे पिंजरा कहते हैं।
  • स्प्रे पेंटिंग: पेंट के कणों को आवेशित किया जाता है ताकि वे कार की धातु की बॉडी पर समान रूप से खिंचकर चिपकें और पेंट कम बर्बाद हो।

परीक्षा कॉर्नर: CBSE कक्षा 12, JEE और NEET

NCERT कक्षा 12 के "वैद्युत आवेश तथा क्षेत्र" अध्याय से प्रश्न आमतौर पर इन रूपों में आते हैं:

बोर्ड परीक्षा (परिभाषा और कारण)

विद्युत क्षेत्र की तीव्रता की परिभाषा, उसका SI मात्रक, और "क्षेत्र रेखाएँ एक-दूसरे को क्यों नहीं काटतीं" जैसे कारण वाले प्रश्न लगभग हर साल पूछे जाते हैं। उत्तर में परिभाषा के साथ सूत्र E = F/q₀ और मात्रक N C⁻¹ ज़रूर लिखें।

क्षेत्र रेखाओं के चित्र — एकल धन आवेश, द्विध्रुव और दो सजातीय आवेश — बनाने को कहा जाता है। तीर की दिशा और रेखाओं का घनत्व सही दिखाइए।

JEE / NEET (गणना)

अध्यारोपण पर प्रश्न सबसे आम हैं: किसी बिंदु पर कुल क्षेत्र, या वह बिंदु जहाँ कुल क्षेत्र शून्य हो। दो सजातीय आवेशों के लिए शून्य-बिंदु उनके बीच और छोटे आवेश के पास होता है; विजातीय आवेशों के लिए वह बाहर, छोटे आवेश की तरफ़ होता है।

इलेक्ट्रॉन या प्रोटॉन की एकसमान क्षेत्र में गति (F = qE, a = qE/m) भी अक्सर पूछी जाती है — ऊपर का प्रश्न 5 इसका उदाहरण है।

पूरा अध्याय एक नज़र में

परीक्षा से पहले के पाँच मिनट में बस इतना पढ़ लीजिए:

  • विद्युत क्षेत्र: आवेश के चारों ओर का वह क्षेत्र जहाँ दूसरा आवेश बल महसूस करता है।
  • कूलॉम का नियम: F = kq₁q₂/r², k ≈ 9 × 10⁹ N m² C⁻²।
  • तीव्रता: E = F/q₀ = kq/r², सदिश, मात्रक N C⁻¹ = V m⁻¹।
  • विभव: V = kq/r, अदिश, मात्रक वोल्ट।
  • क्षेत्र रेखाएँ + से − की ओर, कभी नहीं कटतीं, घनत्व = क्षेत्र की प्रबलता।
  • कई आवेशों में तीव्रता का सदिश योग, विभव का साधारण योग।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विद्युत क्षेत्र किसे कहते हैं?

किसी आवेश के चारों ओर का वह क्षेत्र जिसमें कोई दूसरा आवेश आकर्षण या प्रतिकर्षण बल अनुभव करता है, उस आवेश का विद्युत क्षेत्र कहलाता है।

विद्युत क्षेत्र की तीव्रता का सूत्र क्या है?

E = F/q₀, यानी एकांक धन परीक्षण आवेश पर बल। निर्वात में बिंदु आवेश q से r दूरी पर E = kq/r², जहाँ k ≈ 9 × 10⁹ N m² C⁻²।

विद्युत क्षेत्र का SI मात्रक क्या है?

न्यूटन प्रति कूलॉम (N C⁻¹), जो वोल्ट प्रति मीटर (V m⁻¹) के बराबर है।

क्षेत्र रेखाएँ एक-दूसरे को क्यों नहीं काटतीं?

काटतीं तो कटान बिंदु पर दो स्पर्श रेखाएँ, यानी क्षेत्र की दो दिशाएँ होतीं। किसी बिंदु पर क्षेत्र की दिशा एक ही होती है, इसलिए रेखाएँ नहीं कटतीं।

विद्युत क्षेत्र रेखाओं के गुण क्या हैं?

वे धन आवेश से निकलकर ऋण आवेश पर समाप्त होती हैं, कभी नहीं कटतीं, चालक की सतह पर लंबवत होती हैं, बंद लूप नहीं बनातीं, और जहाँ घनी हों वहाँ क्षेत्र प्रबल होता है।

उदासीन बिंदु किसे कहते हैं?

वह बिंदु जहाँ कई आवेशों के क्षेत्र एक-दूसरे को निरस्त कर दें और कुल क्षेत्र शून्य हो। दो बराबर सजातीय आवेशों का मध्य बिंदु इसका उदाहरण है।

विद्युत क्षेत्र और विभव में क्या अंतर है?

क्षेत्र सदिश है और एकांक आवेश पर बल बताता है (बिंदु आवेश के लिए 1/r² से घटता है); विभव अदिश है और एकांक आवेश पर कार्य बताता है (1/r से घटता है)।

इस विषय पर और पढ़ाई

एनिमेशन से अवधारणा साफ़ हुई, अब परीक्षा की तैयारी: सिलेबस, सुझाव, किताबें और प्रवेश परीक्षा गाइड नीचे हैं (अंग्रेज़ी में)।

भौतिकी के और एनिमेशन

कक्षा 10 · 12

प्रकाश का अपवर्तन

प्रकाश का अपवर्तन किसे कहते हैं, अपवर्तन के नियम, अपवर्तनांक, क्रांतिक कोण व पूर्ण आंतरिक परावर्तन — आसान भाषा में, इंटरैक्टिव एनिमेशन और हल उदाहरण सहित।

कक्षा 10 · 12

ओम का नियम

ओम का नियम क्या है, सूत्र V=IR, V-I ग्राफ और श्रेणी-पार्श्व क्रम — विभवांतर व प्रतिरोध बदलकर धारा देखें। कक्षा 10 व 12 के हल प्रश्न।

कक्षा 11 · JEE

प्रक्षेप्य गति

प्रक्षेप्य गति किसे कहते हैं? कोण व वेग बदलकर पथ देखें — उड्डयन काल, अधिकतम ऊँचाई, क्षैतिज परास के सूत्र व हल उदाहरण। कक्षा 11, JEE/NEET।

कक्षा 11

सरल लोलक

सरल लोलक किसे कहते हैं, आवर्तकाल का सूत्र T=2π√(l/g), सरल आवर्त गति — लंबाई बदलकर देखें। g ज्ञात करने के हल उदाहरण।

कक्षा 11 · 12

तरंगों का व्यतिकरण

अध्यारोपण का सिद्धांत, संपोषी व विनाशी व्यतिकरण की शर्तें, फ्रिंज चौड़ाई β=λD/d — दो स्रोत खिसकाकर देखें। कक्षा 11-12 के हल उदाहरण।

कक्षा 9 · 11

मुक्त पतन

मुक्त पतन किसे कहते हैं, मुक्त पतन का त्वरण और सूत्र क्या है: सिक्का और पंख गिराकर खुद देखें, हवा के साथ और बिना हवा के। हल किए गए उदाहरणों सहित।

कक्षा 10 · 12

लेंस द्वारा प्रतिबिंब

उत्तल लेंस और अवतल लेंस के किरण आरेख इंटरैक्टिव: बिंब खिसकाकर सभी छह स्थितियाँ देखें, लेंस सूत्र 1/v − 1/u = 1/f, आवर्धन और लेंस की क्षमता तुरंत पढ़ें।

कक्षा 9 · 11

न्यूटन के गति के नियम

न्यूटन के गति के तीनों नियम, जड़त्व, संवेग, F = ma, आवेग और क्रिया-प्रतिक्रिया: ट्रॉली धकेलकर खुद देखें, उदाहरण और हल किए गए प्रश्नों के साथ (कक्षा 9, 11)।

कक्षा 10 · 12

गोलीय दर्पण किरण आरेख

अवतल और उत्तल दर्पण द्वारा प्रतिबिंब बनना, ध्रुव, वक्रता केंद्र, मुख्य फोकस, दर्पण सूत्र 1/v + 1/u = 1/f और आवर्धन m = −v/u: बिंब खींचकर किरण आरेख ख़ुद देखें।

कक्षा 10 · 12

विद्युत चुंबकीय प्रेरण

विद्युत चुंबकीय प्रेरण किसे कहते हैं? चुंबक को कुंडली से गुज़ारो और सेंटर-ज़ीरो गैल्वेनोमीटर देखो। फैराडे का नियम e = −N dΦ/dt और लेंज़ का नियम हल किए गए उदाहरणों के साथ।

कक्षा 9 · 11

संवेग संरक्षण और संघट्ट

संवेग संरक्षण का नियम क्या है? दो गाड़ियों को टकराओ और प्रत्यावस्थान गुणांक e को 0 (चिपकना) से 1 (प्रत्यास्थ) तक बदलो। संवेग और गतिज ऊर्जा के बार-चार्ट लाइव देखो, हल किए गए उदाहरणों के साथ।

कक्षा 9 · 11

कार्य, ऊर्जा और शक्ति

कार्य किसे कहते हैं, गतिज व स्थितिज ऊर्जा और शक्ति के सूत्र क्या हैं: घुमावदार पथ पर लुढ़कती कार्ट की सिमुलेशन में ऊर्जा का रूपांतरण देखें, हल किए गए प्रश्नों के साथ।

कक्षा 11 · JEE

आनत तल

ढलान पर भार कैसे दो भागों में बँटता है, विराम कोण क्या है, घर्षण ब्लॉक को कब रोकता है और कब फिसलने देता है — कोण बदलकर बल-चित्र में स्वयं देखें, हल किए गए प्रश्नों के साथ।

अन्य विषयों के एनिमेशन

रसायन विज्ञान

परमाणु की संरचना

रसायन विज्ञान

अम्ल, क्षारक और pH मान

रसायन विज्ञान

इलेक्ट्रॉनिक विन्यास

रसायन विज्ञान

गैस नियम: बॉयल, चार्ल्स, गे-लुसाक, आवोगाद्रो और PV = nRT

रसायन विज्ञान

आयनिक बंध कैसे बनता है

रसायन विज्ञान

वैद्युत अपघटन और फैराडे के नियम

रसायन विज्ञान

सहसंयोजक बंध

रसायन विज्ञान

आवर्त सारणी की आवर्तिता

जीव विज्ञान

समसूत्री कोशिका विभाजन

जीव विज्ञान

विसरण और परासरण

जीव विज्ञान

प्रकाश संश्लेषण

जीव विज्ञान

मानव हृदय की संरचना और कार्य

जीव विज्ञान

मेंडल के आनुवंशिकता नियम

जीव विज्ञान

डीएनए प्रतिकृति

जीव विज्ञान

कोशिकीय श्वसन

जीव विज्ञान

एंजाइम क्रिया

जीव विज्ञान

तंत्रिका आवेग और एक्शन पोटेंशियल

जीव विज्ञान

नेफ्रॉन और मूत्र निर्माण की प्रक्रिया

जीव विज्ञान

अर्धसूत्री विभाजन (मियोसिस)

जीव विज्ञान

पाचन तंत्र

गणित

पाइथागोरस प्रमेय

गणित

त्रिकोणमितीय अनुपात और इकाई वृत्त

गणित

द्विघात समीकरण और द्विघात फलन का ग्राफ़

गणित

वृत्त के प्रमेय

गणित

ऊँचाई और दूरी: उन्नयन कोण और अवनमन कोण

गणित

प्रायिकता: प्रयोगसिद्ध बनाम सैद्धांतिक प्रायिकता

गणित

समांतर और गुणोत्तर श्रेढ़ी

गणित

माध्य, माध्यिका और बहुलक