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माध्य, माध्यिका और बहुलक: बिंदु खींचें, निशान बदलते देखें

किसी आँकड़ा-समूह को एक प्रतिनिधि संख्या में दिखाने के तीन तरीके हैं: माध्य (सभी मानों का योग भाग मानों की संख्या), माध्यिका (क्रमबद्ध मानों का मध्य मान) और बहुलक (सबसे अधिक बार आने वाला मान)। उदाहरण में 7 मानों का माध्य 6 और माध्यिका 5 है।

किसी बिंदु को खींचें, या स्लाइडर का उपयोग करें

माध्य, x̄माध्यिकाबहुलकमाध्य ± 1 मानक विचलन

नियंत्रण

आँकड़ों का प्रकार

2
4
5
5
7
9
10

मापन

माध्य, x̄
6.00
माध्यिका
5.00
बहुलक
5
विस्तार (अधिकतम − न्यूनतम)
8
मानक विचलन, σ
2.62

सिमुलेशन का उपयोग कैसे करें

  1. एकल-आँकड़े मोड में संख्या रेखा पर किसी भी बिंदु को खींचें: माध्य, माध्यिका और बहुलक के निशान तुरंत बदल जाते हैं।
  2. "एक अपवाद मान (आउटलायर) जोड़ें" चुनें: माध्य का निशान बहुत दूर चला जाता है, जबकि माध्यिका का निशान लगभग वहीं रहता है।
  3. छायांकित पट्टी देखें: यह माध्य ± 1 मानक विचलन दिखाती है, और आँकड़े जितने अधिक फैले होंगे, यह पट्टी उतनी ही चौड़ी होगी।
  4. अब वर्गीकृत-आँकड़े मोड में जाएँ और हर वर्ग अंतराल की बारंबारता खिसकाएँ: देखें माध्यिका वर्ग और बहुलक वर्ग कैसे बदलते हैं।
  5. किसी एक वर्ग की बारंबारता शून्य कर दें: उसकी हिस्टोग्राम पट्टी गायब हो जाती है, और माध्यिका-बहुलक दोनों बचे हुए वर्गों की ओर खिसक जाते हैं।

एक क्लास टेस्ट और एक बहुत बड़ी तनख्वाह

सात दोस्तों को क्लास टेस्ट में 10 में से 2, 4, 5, 5, 7, 9, 10 अंक मिले। यदि कोई पूछे "तुम्हारे समूह का प्रदर्शन कैसा रहा", और जवाब में सिर्फ एक संख्या देनी हो, तो क्या कहेंगे? ठीक यही एक प्रतिनिधि संख्या तीन अलग-अलग तरीकों से निकालना इस पेज का विषय है।

अब कल्पना करें एक छोटे दफ़्तर में नौ कर्मचारियों की तनख्वाह लगभग बराबर है, पर दसवाँ व्यक्ति — मालिक — बाकी सबसे कई गुना अधिक कमाता है। "औसत (माध्य) तनख्वाह" बताने पर एक ऐसी संख्या मिलेगी जिसके आसपास दफ़्तर में कोई नहीं है। इसके बदले "माध्यिका तनख्वाह" बताने पर वह एक बड़ा मान लगभग कुछ नहीं बदलता। यही अंतर सांख्यिकी की सबसे उपयोगी बातों में से एक है।

ऊपर के सिमुलेशन में ठीक यही दिखता है: बिंदु संख्या रेखा पर टिके हैं, और आउटलायर चालू करने पर उस दफ़्तर के मालिक जैसा एक बहुत दूर वाला मान जुड़ जाता है।

शुरुआत से: केंद्रीय प्रवृत्ति और फैलाव

संख्याओं के एक समूह को एक विशिष्ट मान से दिखाना केंद्रीय प्रवृत्ति का मापन कहलाता है। इसके तीन सामान्य रूप हैं: माध्य, माध्यिका और बहुलक।

माध्य सभी मानों को जोड़कर उनकी संख्या से भाग देने पर मिलता है: x̄ = (Σx) ÷ n। माध्यिका छोटे से बड़े क्रम में सजाए गए आँकड़ों का ठीक बीच वाला मान है (सम संख्या होने पर बीच के दो मानों का माध्य)। बहुलक वह मान है जो सबसे अधिक बार आता है।

दो समूहों का माध्य बराबर हो सकता है, फिर भी उनके आँकड़े अलग-अलग तरह से फैले हो सकते हैं। इसे अलग से मापा जाता है, फैलाव के मापन से: सबसे सरल है विस्तार (अधिकतम घटा न्यूनतम), और अधिक सावधानी से मापने वाला है मानक विचलन, जो हर मान के माध्य से दूरी का औसत निकालता है।

ज़रूरी शब्द

सूत्रों से पहले शब्दावली स्पष्ट कर लें; परीक्षा के परिभाषा वाले सवाल यहीं से आते हैं।

शब्दप्रतीकसरल भाषा में अर्थ
माध्यx̄सभी मानों के योग को मानों की संख्या से भाग देने पर मिला परिणाम
माध्यिकाMedianछोटे से बड़े क्रम में सजाए गए आँकड़ों का ठीक बीच वाला मान
बहुलकModeआँकड़ों में सबसे अधिक बार आने वाला मान
विस्तारRangeअधिकतम मान घटा न्यूनतम मान
मानक विचलनσमाध्य से दूरी के वर्ग के औसत का वर्गमूल
आउटलायर—बाकी आँकड़ों की तुलना में असामान्य रूप से दूर स्थित एक मान
वर्ग की चौड़ाईhवर्गीकृत आँकड़ों में हर वर्ग अंतराल की चौड़ाई (ऊपरी सीमा घटा निचली सीमा)
माध्यिका वर्ग—वह वर्ग जहाँ संचयी बारंबारता पहली बार n/2 से आगे निकलती है

माध्य, माध्यिका और बहुलक के सूत्र

तीनों मापों की परिभाषा से ही उन्हें निकालने का नियम बन जाता है।

x̄ = (Σx) / nसभी मानों का योग, भाग मानों की संख्या से

Median = ((n+1)/2)वाँ मान, यदि n विषम हैn सम होने पर बीच के दो मानों का माध्य

σ = √( Σ(x − x̄)² / n )माध्य से दूरी के वर्ग का औसत, फिर वर्गमूल

माध्यिका निकालने का नियम: n विषम बनाम n सम

पहले आँकड़ों को छोटे से बड़े क्रम में सजाएँ। मानों की संख्या n विषम हो, तो बीच का एक मान ही माध्यिका है। n सम हो, तो बीच में दो मान आते हैं, उनका माध्य ही माध्यिका है।

उदाहरण में (7 मान, विषम): क्रमबद्ध 2, 4, 5, 5, 7, 9, 10। बीच का (चौथा) मान 5 है, इसलिए माध्यिका 5 है।

मानक विचलन में पहले वर्ग और फिर वर्गमूल क्यों

हर मान माध्य से कितनी दूर है (x − x̄), इसे सीधे जोड़कर औसत निकालने पर हमेशा शून्य मिलता है, क्योंकि माध्य से बड़े मानों की धनात्मक दूरी और छोटे मानों की ऋणात्मक दूरी एक-दूसरे को काट देती है। हर दूरी को वर्ग करने से यह समस्या हल हो जाती है (हर वर्ग धनात्मक होता है), और अंत में वर्गमूल लेने से मूल इकाई वापस आ जाती है।

उदाहरण में माध्य 6 है। हर मान का विचलन और उसका वर्ग नीचे की सारणी में दिखाया गया है; वर्गों का औसत 6.86 है, और उसका वर्गमूल σ = 2.62 है।

माध्यिका आउटलायर से क्यों नहीं बदलती

माध्य निकालने के लिए हर मान का सही परिमाण चाहिए, इसलिए एक असामान्य रूप से बड़ा या छोटा मान माध्य को अपनी ओर खींच लेता है। माध्यिका निकालने के लिए सिर्फ क्रम चाहिए — सजाए जाने पर हर मान कहाँ बैठता है — मान कितना बड़ा है यह नहीं। एक आउटलायर सूची के एक सिरे पर बैठता है, पर बीच वाली स्थिति लगभग नहीं बदलती।

उदाहरण में (7 मान): माध्य 6, माध्यिका 5। अब 35 का एक आउटलायर जोड़ने पर (कुल 8 मान): माध्य बढ़कर 9.625 हो जाता है — बहुत बड़ा बदलाव। पर माध्यिका सिर्फ 6 होती है — लगभग कोई बदलाव नहीं, क्योंकि यह अभी भी बीच के दो मानों का माध्य है, और वे दो मान लगभग वैसे ही रहे।

यही कारण है कि जहाँ चरम मान सामान्य हैं (जैसे आय या घरों की कीमत), वहाँ रिपोर्ट में "माध्य" के बदले "माध्यिका" इस्तेमाल होता है — किसी देश की "माध्यिका आय" इसलिए बताई जाती है क्योंकि कुछ बहुत धनी लोगों की आय माध्य को सामान्य व्यक्ति की कमाई से बहुत ऊपर खींच देती।

वर्गीकृत आँकड़े: लंबी सूची को संक्षेप में लिखना

सैकड़ों अलग-अलग मान हों तो हर एक को लिखना मुश्किल होता है। तब मानों को बराबर चौड़ाई के वर्ग अंतरालों में बाँटा जाता है (जैसे 0–5, 5–10, 10–15, …) और केवल यह गिना जाता है कि हर वर्ग में कितने मान आए — इसे बारंबारता कहते हैं। इस संक्षिप्त रूप को वर्गीकृत आँकड़े कहते हैं।

वर्गीकृत आँकड़ों में हर मान की सही संख्या नहीं होती, केवल यह पता होता है कि वह किस वर्ग में गिरा। इसलिए सूत्र थोड़े अलग हैं: माध्य वर्ग के मध्यबिंदु से निकाला जाता है, और माध्यिका-बहुलक एक अंतर्वेशन (interpolation) सूत्र से, जो मानता है कि मान वर्ग के भीतर समान रूप से फैले हैं।

x̄ = Σ(f × मध्यबिंदु) / Σfहर मान को उसके वर्ग के मध्यबिंदु पर माना जाता है

Median = L + ((n/2 − cf)/f) × hL = माध्यिका वर्ग की निचली सीमा, cf = पहले के सभी वर्गों की संचयी बारंबारता

Mode = L + ((f₁ − f₀)/(2f₁ − f₀ − f₂)) × hL = बहुलक वर्ग की निचली सीमा, f₁ उसकी बारंबारता, f₀ और f₂ पहले-बाद के वर्ग की बारंबारता

सिमुलेशन के डिफ़ॉल्ट वर्गीकृत आँकड़ों से मिलान

डिफ़ॉल्ट बारंबारता 4, 8, 10, 6, 2 है, वर्ग 0–5, 5–10, 10–15, 15–20, 20–25 के लिए, कुल n = 30। माध्य = 11.5। माध्यिका वर्ग 10–15 है (संचयी बारंबारता 4+8 = 12 से 10 जुड़ने पर 22 होकर n/2 = 15 से आगे निकल जाती है), इसलिए माध्यिका = 11.5। यही वर्ग सबसे अधिक बारंबारता (10) वाला भी है, इसलिए बहुलक वर्ग भी यही है, बहुलक = 11.67।

कौन सा माप कब चुनें

तीनों माप सही हैं, पर हर स्थिति में समान रूप से उपयोगी नहीं हैं।

स्थितिसबसे अच्छा मापक्यों
आँकड़े लगभग समान रूप से फैले हैं, कोई चरम मान नहींमाध्यहर मान का उपयोग करता है, सबसे अधिक जानकारी देता है
कुछ चरम मान या आउटलायर हैं (आय, संपत्ति, घर की कीमत)माध्यिकाकेवल स्थिति पर निर्भर, इसलिए आउटलायर इसे खींच नहीं सकते
आँकड़े संख्यात्मक नहीं, बल्कि वर्गीय हैं (रंग, जूते का साइज़, पसंदीदा टीम)बहुलकयही एक माप है जो गैर-संख्यात्मक आँकड़ों पर भी काम करता है
हर मान की सही संख्या नहीं है, केवल वर्ग की बारंबारता हैवर्गीकृत सूत्रअंतर्वेशन से अनुमानित माध्यिका-बहुलक मिलता है

सिमुलेशन में स्वयं करके देखें

हर प्रयोग से पहले अनुमान लगाएँ, फिर सिमुलेशन चलाकर मिलाएँ।

  • एकल-आँकड़े मोड में दो बिंदुओं को ठीक एक ही मान पर खींच दें: बहुलक की रीडिंग उस मान पर टिक जाती है, और बिंदु संख्या रेखा पर एक के ऊपर एक जमा होकर दिखते हैं।
  • हर बिंदु को अलग-अलग मान पर फैला दें, कोई दोहराव न रहे: बहुलक की रीडिंग बताएगी कि कोई मान दोहराया नहीं गया।
  • आउटलायर चालू करके छायांकित पट्टी (माध्य ± 1 मानक विचलन) देखें: आउटलायर जुड़ने पर यह पट्टी बहुत चौड़ी हो जाती है, क्योंकि फैलाव बढ़ गया है।
  • वर्गीकृत मोड में किसी बीच वाले वर्ग की बारंबारता अधिकतम कर दें: वह वर्ग बहुलक वर्ग बन जाएगा, और अक्सर माध्यिका वर्ग भी वहीं आ जाएगा।
  • वर्गीकृत मोड में पहले और आख़िरी वर्ग की बारंबारता शून्य कर दें: बाकी तीन वर्गों से भी वही सूत्र मान्य माध्यिका और बहुलक देते हैं।

हल किए गए उदाहरण

हर हल में पहले आँकड़े सजाना, फिर सूत्र, फिर मान रखना — परीक्षा में इस क्रम से लिखने पर पूरे अंक मिलते हैं।

उदाहरण 1: सिमुलेशन के डिफ़ॉल्ट एकल आँकड़े

आँकड़े: 2, 4, 5, 5, 7, 9, 10 (n = 7)। माध्य = (2+4+5+5+7+9+10)/7 = 6। क्रमबद्ध सूची का बीच वाला मान 5 है, इसलिए माध्यिका 5 है। मान 5 दो बार आता है, बाकी सब एक बार, इसलिए बहुलक 5 है। विस्तार = 10 − 2 = 8।

उदाहरण 2: एक आउटलायर जोड़ने पर क्या बदलता है

उदाहरण 1 के आँकड़ों में 35 जोड़ने पर (n = 8): नया माध्य (42+35)/8 = 9.625, जो 6 से बहुत बड़ा कूद है। पर नई माध्यिका सिर्फ 6 है, 5 से लगभग वैसी ही, क्योंकि बीच के दो मान लगभग नहीं बदले।

उदाहरण 3: सिमुलेशन के डिफ़ॉल्ट वर्गीकृत आँकड़े

वर्ग 0–5, 5–10, 10–15, 15–20, 20–25 की बारंबारता 4, 8, 10, 6, 2 (n = 30)। माध्य = Σ(f×मध्यबिंदु)/n = 11.5। माध्यिका वर्ग 10–15 है (L=10, cf=12, f=10, h=5): Median = 10 + ((15−12)/10)×5 = 11.5। बहुलक वर्ग भी 10–15 है (f₁=10, f₀=8, f₂=6): Mode = 10 + ((10−8)/(20−8−6))×5 = 11.67।

उदाहरण 4: जब बहुलक नहीं होता

पाँच छात्रों के अंक 45, 50, 55, 60, 65 — सभी अलग-अलग। माध्य = (45+50+55+60+65)/5 = 55। माध्यिका (बीच का मान) = 55। पर कोई मान दोहराया नहीं गया, इसलिए यहाँ बहुलक नहीं है — यह गलती नहीं, एक वैध स्थिति है।

उदाहरण 5: जब दो बहुलक होते हैं

सात जूतों के साइज़: 6, 7, 7, 8, 9, 9, 10। माध्य = 8, माध्यिका (चौथा मान) = 8। 7 और 9 दोनों दो-दो बार आते हैं, बाकी सब एक बार, इसलिए दो बहुलक हैं: 7 और 9।

उदाहरण 6: एक नया वर्गीकृत-आँकड़ा उदाहरण

30 छात्रों के अंक वर्ग 0–10, 10–20, 20–30, 30–40, 40–50 में बारंबारता 3, 7, 10, 6, 4 (n = 30) के साथ बाँटे गए हैं। माध्य = 25.33। माध्यिका वर्ग 20–30 है (L=20, cf=10, f=10, h=10): Median = 20 + ((15−10)/10)×10 = 25। बहुलक वर्ग भी 20–30 है (f₁=10, f₀=7, f₂=6): Mode = 20 + ((10−7)/(20−7−6))×10 = 24.29।

उदाहरण 7: एक ही माध्य, अलग फैलाव

समूह A: 5, 5, 5, 5, 5। माध्य = 5, मानक विचलन = 0, क्योंकि कोई भी मान माध्य से अलग नहीं है। समूह B: 1, 3, 5, 7, 9। माध्य भी 5 है — बिल्कुल बराबर! पर मानक विचलन 2.828 है, क्योंकि मान उस माध्य के चारों ओर बहुत फैले हैं। सिर्फ माध्य देखकर दोनों समूहों को एक जैसा समझना गलत होगा।

एक नज़र में: मानक विचलन की गणना चरण दर चरण

उदाहरण 1 के आँकड़ों के लिए हर मान का विचलन और उसका वर्ग यहाँ दिखाया गया है। वर्गों का औसत लेकर वर्गमूल निकालने पर σ मिलता है।

मान, xx − माध्य(x − माध्य)²
2-416
4-24
5-11
5-11
711
939
10416

वे गलतियाँ जो सब करते हैं

इन गलतियों से बचने पर माध्य-माध्यिका-बहुलक के सवालों में अंक कटने का डर नहीं रहता।

  • माध्यिका निकालने से पहले आँकड़े सजाना भूल जाना — माध्यिका की परिभाषा पूरी तरह क्रमबद्ध सूची पर निर्भर है।
  • n सम होने पर केवल एक बीच का मान लेना, दो बीच के मानों का माध्य न निकालना।
  • बहुलक को सबसे बड़ा मान समझना — बहुलक सबसे अधिक बार आने वाला मान है, सबसे बड़ा मान नहीं।
  • वर्गीकृत माध्यिका सूत्र में n का उपयोग करना, n/2 का नहीं — सूत्र में कुल बारंबारता का आधा चाहिए।
  • मानक विचलन में पहले वर्ग किए बिना विचलनों का सीधे औसत निकालना — इससे हमेशा शून्य मिलता है, क्योंकि धनात्मक और ऋणात्मक विचलन एक-दूसरे को काट देते हैं।
  • एक अकेला आउटलायर देखकर माध्य को "गलत" कह देना — माध्य गलत नहीं है, केवल आउटलायर के प्रति संवेदनशील है, इसलिए ऐसे आँकड़ों में माध्यिका अधिक भरोसेमंद है।

रोज़मर्रा की ज़िंदगी में माध्य, माध्यिका और बहुलक

ये माप परीक्षा की कॉपी के बाहर अखबारों और रिपोर्टों में भी दिखते हैं।

  • किसी देश की "माध्यिका आय" बताई जाती है, "माध्य आय" नहीं, क्योंकि कुछ बहुत धनी लोगों की आय माध्य को सामान्य व्यक्ति की कमाई से बहुत ऊपर खींच देती।
  • जूतों की दुकान अपने सबसे अधिक बिकने वाले साइज़ (बहुलक) पर नज़र रखती है, ताकि उस साइज़ का अधिक स्टॉक रखा जा सके।
  • परीक्षा परिणामों का विश्लेषण कक्षा के माध्य और माध्यिका अंक दोनों से किया जाता है; दोनों में बड़ा अंतर बताता है कि कुछ छात्रों ने असामान्य रूप से अधिक या कम अंक पाए।
  • किसी महीने का "औसत तापमान" बताने के साथ उसका फैलाव भी ज़रूरी है, क्योंकि दो महीनों का माध्य तापमान बराबर हो सकता है, पर एक स्थिर रह सकता है और दूसरा बहुत ऊपर-नीचे हो सकता है।
  • कारखानों में बने पुर्ज़ों के आकार में मानक विचलन कम रखना ही गुणवत्ता नियंत्रण का मुख्य लक्ष्य है, क्योंकि कम मानक विचलन का अर्थ है अधिकतर पुर्ज़े तय आकार के पास हैं।

परीक्षा कॉर्नर: CBSE बोर्ड और JEE-NEET

NCERT की कक्षा 9-10 में सांख्यिकी अध्याय में माध्य, माध्यिका, बहुलक और वर्गीकृत आँकड़ों की माध्यिका-बहुलक सूत्र पढ़ाई जाती है। CBSE बोर्ड में परिभाषा और सूत्र-आधारित सवाल नियमित आते हैं; JEE और NEET में कभी-कभी इन्हें प्रायिकता या डेटा-विश्लेषण के साथ मिलाकर पूछा जाता है, तो सूत्रों के साथ-साथ उनकी शर्तें भी याद रखना ज़रूरी है।

एक नमूना परीक्षा प्रश्न

प्रश्न: किसी गाँव में दस किसानों के पास 2, 4, 5, 5, 7, 9, 10 एकड़ ज़मीन है, और एक बड़े ज़मींदार के पास 35 एकड़ है। (क) माध्यिका की परिभाषा दें। (ख) पहले सात किसानों की ज़मीन का माध्य ज्ञात करें। (ग) सभी आठ ज़मींदारों के लिए माध्य और माध्यिका ज्ञात करें। (घ) क्या यह कहना सही है कि बड़े ज़मींदार के कारण माध्य भ्रामक है, और माध्यिका अधिक भरोसेमंद है? कारण दें।

(ग) का हल: माध्य = 9.625, माध्यिका = 6। (घ) का मूल तर्क: माध्य 6 से 9.625 तक बहुत बड़ा कूदा है, जबकि माध्यिका 5 से थोड़ा बढ़कर 6 हुई है, इसलिए कथन सही है।

रिवीज़न: एक स्क्रीन का सारांश

परीक्षा से पहले की रात केवल यह सूची और ऊपर की सारणियाँ देख लेना काफ़ी है।

  • माध्य x̄ = (Σx)/n — हर मान का उपयोग करता है, आउटलायर के प्रति संवेदनशील।
  • माध्यिका = क्रमबद्ध आँकड़ों का बीच वाला मान — स्थिति पर निर्भर, आउटलायर से नहीं बदलती।
  • बहुलक = सबसे अधिक बार आने वाला मान — कुछ न दोहराए तो बहुलक नहीं, बराबरी हो तो एक से अधिक बहुलक।
  • विस्तार = अधिकतम − न्यूनतम; मानक विचलन σ = √(Σ(x−x̄)²/n)।
  • वर्गीकृत आँकड़ों में माध्य मध्यबिंदु से, माध्यिका-बहुलक अंतर्वेशन सूत्र से निकलते हैं।
  • आउटलायर मौजूद होने पर माध्यिका अधिक भरोसेमंद प्रतिनिधि संख्या है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

माध्य, माध्यिका और बहुलक में क्या अंतर है?

माध्य सभी मानों के योग को उनकी संख्या से भाग देकर मिलता है; माध्यिका क्रमबद्ध आँकड़ों का बीच वाला मान है; बहुलक सबसे अधिक बार आने वाला मान है। तीनों केंद्रीय प्रवृत्ति बताते हैं, पर अलग-अलग तरीके से निकाले जाते हैं।

माध्यिका कैसे निकालें?

आँकड़ों को छोटे से बड़े क्रम में सजाएँ। n विषम हो तो बीच का ((n+1)/2)वाँ मान माध्यिका है। n सम हो तो बीच के दो मानों का माध्य लें। उदाहरण में 7 क्रमबद्ध मानों का बीच वाला मान 5 है, इसलिए माध्यिका 5 है।

वर्गीकृत आँकड़ों की माध्यिका और बहुलक का सूत्र क्या है?

माध्यिका = L + ((n/2 − cf)/f) × h, जहाँ L माध्यिका वर्ग की निचली सीमा है, cf उससे पहले के वर्गों की संचयी बारंबारता है, f माध्यिका वर्ग की बारंबारता है, और h वर्ग की चौड़ाई है। बहुलक = L + ((f₁−f₀)/(2f₁−f₀−f₂)) × h, जहाँ f₁ बहुलक वर्ग की बारंबारता है और f₀, f₂ पहले-बाद के वर्गों की बारंबारता है।

आउटलायर होने पर माध्य या माध्यिका, कौन सा चुनें?

आउटलायर होने पर माध्यिका अधिक सुरक्षित विकल्प है, क्योंकि यह केवल स्थिति पर निर्भर है, परिमाण पर नहीं। उदाहरण में 35 का आउटलायर जोड़ने पर माध्य 6 से 9.625 तक कूद जाता है, जबकि माध्यिका लगभग नहीं बदलती।

क्या किसी आँकड़े का बहुलक न होना संभव है?

हाँ। यदि आँकड़ों में हर मान अलग है, कोई दोहराया नहीं गया है, तो बहुलक नहीं होता। यह कोई गलती नहीं, एक सामान्य और वैध स्थिति है।

क्या एक से अधिक बहुलक हो सकते हैं?

हाँ। यदि दो या अधिक मान सबसे अधिक बारंबारता के लिए बराबरी पर हों, तो वे सभी बहुलक होते हैं। ऐसे आँकड़ों को द्विबहुलक (दो बहुलक) या बहुबहुलक (दो से अधिक) कहा जाता है।

मानक विचलन क्या बताता है?

मानक विचलन बताता है कि आँकड़े माध्य के आसपास कितने फैले हैं। छोटा मानक विचलन मतलब मान माध्य के पास जमा हैं; बड़ा मानक विचलन मतलब मान बहुत फैले हैं, भले ही दो समूहों का माध्य बराबर हो।

माध्य हमेशा भरोसेमंद क्यों नहीं होता?

क्योंकि माध्य हर मान के सही परिमाण से निकाला जाता है, इसलिए एक असामान्य रूप से बड़ा या छोटा मान (आउटलायर) उसे अपनी ओर बहुत दूर तक खींच सकता है — जैसे एक बहुत धनी व्यक्ति की आय समूह के माध्य को सामान्य से कहीं ऊपर दिखा देती है।

विस्तार और मानक विचलन में क्या अंतर है?

विस्तार केवल अधिकतम मान घटा न्यूनतम मान है — यह केवल दो मानों पर निर्भर करता है। मानक विचलन हर मान की माध्य से दूरी को ध्यान में रखता है, इसलिए यह फैलाव का अधिक भरोसेमंद माप है।

वर्गीकृत आँकड़ों के माध्य सूत्र में मध्यबिंदु का उपयोग क्यों होता है?

वर्गीकृत आँकड़ों में हर मान की सही संख्या नहीं होती, केवल यह पता होता है कि वह किस वर्ग में गिरा। इसलिए हर मान को उसके वर्ग के मध्यबिंदु पर मानकर एक अनुमानित माध्य निकाला जाता है।

इस विषय पर और पढ़ाई

एनिमेशन से अवधारणा साफ़ हुई, अब परीक्षा की तैयारी: सिलेबस, सुझाव, किताबें और प्रवेश परीक्षा गाइड नीचे हैं (अंग्रेज़ी में)।

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