शीर्ष बिंदु को खींचकर आनत तल का कोण सीधे बदलें
नियंत्रण
मापन
- भार, mg
- 19.6N
- भार का समांतर घटक, mg sinθ
- 9.8N
- अभिलंब प्रतिक्रिया बल, N
- 17.0N
- अधिकतम स्थैतिक घर्षण, μsN
- 6.8N
- वर्तमान घर्षण बल, f
- 5.1N
- नेट बल
- 4.7N
- त्वरण, a
- 2.35m/s²
- वेग, v
- 0.00m/s
- तय की गई दूरी, s
- 0.00m
- समय, t
- 0.0s
- विराम कोण, θᵣ
- 21.8°
सिमुलेशन का उपयोग कैसे करें
- पहले एक छोटा कोण रखें, जैसे 10°: mg sinθ छोटा रहता है, घर्षण उसे आसानी से संभाल लेता है, ब्लॉक स्थिर रहता है, और नेट बल व त्वरण दोनों शून्य दिखते हैं।
- कोण को धीरे-धीरे बढ़ाएँ और देखें कि ब्लॉक ठीक किस कोण पर हिलना शुरू करता है; वह कोण "विराम कोण" रीडिंग से मिलना चाहिए।
- शीर्ष बिंदु को सीधे खींचकर कोण बदलें: आर्क और कोण का लेबल दोनों तुरंत बदल जाएँगे।
- "भार के घटक दिखाएँ" बंद करके सिर्फ़ भार, N और f देखें, फिर वापस चालू करके देखें कि दो डैश किए हुए तीर वास्तव में भार को ही दो भागों में दिखा रहे हैं।
- दोनों घर्षण गुणांक शून्य कर दें: अब कोई घर्षण नहीं है, इसलिए ब्लॉक किसी भी छोटे कोण पर भी फिसलेगा, त्वरण सिर्फ़ a = g sinθ होगा।
ट्रक में फ्रिज चढ़ाने के लिए रैंप का ही उपयोग क्यों होता है
भारी फ्रिज को सीधे उठाकर ट्रक में रखना बहुत मुश्किल काम है, पर एक तख्ते को झुकाकर बनाया गया रैंप बनाकर उसी फ्रिज को लुढ़काना काफ़ी आसान हो जाता है। ऊँचाई तो दोनों तरीकों में बराबर ही बढ़ती है, फिर आसान क्यों लगता है? क्योंकि ढलान पर पूरा भार काम में नहीं आता, केवल एक हिस्सा वस्तु को नीचे की ओर धकेलता है, बाकी हिस्सा तल में दबाता है।
रेत के ढेर में लगातार रेत डालते जाएँ, तो ढेर एक निश्चित ढलान के बाद अपनी ऊपरी परत को गिरा देता है और एक लगभग स्थिर कोण पर टिक जाता है। किसी ने वह कोण मापने की कोशिश नहीं की, फिर भी प्रकृति ने खुद एक सीमा तय कर दी — यही सीमा-कोण विराम कोण कहलाता है।
पहाड़ी रास्तों पर अक्सर ढलान बताने वाला साइनबोर्ड लगा होता है। ढलान जितनी तेज़, गाड़ी के ब्रेक और टायर के घर्षण पर उतनी ही अधिक निर्भरता होती है — ठीक इस पेज के आनत तल जैसा ही हिसाब, बस ब्लॉक की जगह गाड़ी है।
बिल्कुल शुरुआत से: आनत तल किसे कहते हैं, और भार को क्यों बाँटा जाता है
क्षैतिज तल से कोण बनाकर रखे किसी समतल तल को आनत तल कहते हैं। उस पर रखी किसी वस्तु पर दो मुख्य बल कार्य करते हैं: गुरुत्वीय भार mg (सीधा नीचे की ओर) और तल का अभिलंब प्रतिक्रिया बल N (तल के लंबवत)। घर्षण हो तो एक तीसरा बल भी जुड़ जाता है, तल के अनुदिश।
समस्या यह है कि भार सीधे नीचे की ओर है, पर वस्तु यदि हिलेगी तो तल के अनुदिश हिलेगी, सीधे नीचे नहीं। इसलिए mg की तुलना सीधे तल से नहीं की जा सकती — इसे दो भागों में बाँटना पड़ता है: एक तल के अनुदिश (जो वस्तु को धकेलता है), और एक तल के लंबवत (जो N के विरुद्ध दबाव डालता है)।
ज्यामिति से यह बँटवारा सीधे मिलता है: यदि तल क्षैतिज से θ कोण बनाता है, तो ढलान के अनुदिश घटक mg sinθ होता है और लंबवत घटक mg cosθ। θ बढ़ने पर sinθ बढ़ता है और cosθ घटता है — यानी कोण जितना तेज़ होगा, वस्तु को धकेलने वाला हिस्सा उतना बढ़ेगा और तल में दबाने वाला हिस्सा उतना घटेगा। इसीलिए तेज़ चढ़ाई मुश्किल लगती है और लगभग समतल रास्ता आसान।
यदि कोई अन्य ऊर्ध्वाधर बल न हो, तो लंबवत दिशा में वस्तु स्थिर रहती है, इसलिए अभिलंब प्रतिक्रिया बल ठीक लंबवत घटक के बराबर होना अनिवार्य है: N = mg cosθ। घर्षण बल कितना हो सकता है, यह इस N पर ही निर्भर करता है।
ज़रूरी शब्द एक नज़र में
सूत्रों से पहले शब्दावली पक्की कर लें; परीक्षा के परिभाषा वाले प्रश्न यहीं से आते हैं।
| शब्द | प्रतीक | सरल अर्थ | मात्रक |
|---|---|---|---|
| आनत तल का कोण | θ | तल और क्षैतिज के बीच का कोण | डिग्री (°) |
| अभिलंब प्रतिक्रिया बल | N | तल द्वारा वस्तु पर लगाया गया बल, तल के लंबवत | न्यूटन (N) |
| स्थैतिक घर्षण गुणांक | μs | गति शुरू होने से पहले घर्षण कितना बल दे सकता है, उसका अनुपात | कोई मात्रक नहीं |
| गतिज घर्षण गुणांक | μk | गति शुरू होने के बाद घर्षण बल कितना रहता है, उसका अनुपात | कोई मात्रक नहीं |
| अधिकतम स्थैतिक घर्षण | μsN | गति शुरू होने से ठीक पहले घर्षण जो सबसे बड़ा बल दे सकता है | न्यूटन (N) |
| विराम कोण | θr | जिस कोण पर वस्तु ठीक फिसलना शुरू करती है; tanθr = μs | डिग्री (°) |
| नेट बल | ΣF | तल के अनुदिश सभी बलों का योग | न्यूटन (N) |
सूत्र कहाँ से आए: विराम कोण और फिसलने के त्वरण की व्युत्पत्ति
स्थिर रहने और फिसलने के बीच की सीमा ही विराम कोण है। नीचे दो छोटी व्युत्पत्तियाँ इसे स्पष्ट करती हैं।
विराम कोण, θr: tanθr = μs कैसे निकला
वस्तु को स्थिर रहने के लिए घर्षण को नीचे धकेलने वाले घटक mg sinθ को ठीक-ठीक संभालना होगा। घर्षण अपनी सीमा μsN = μs mg cosθ तक ही बढ़ सकता है। इसलिए स्थिर रहने की शर्त है mg sinθ ≤ μs mg cosθ।
दोनों पक्षों को mg cosθ से भाग देने पर (जब तक cosθ शून्य न हो, यह सुरक्षित है) sinθ/cosθ ≤ μs, यानी tanθ ≤ μs मिलता है। जिस कोण पर यह बराबरी में बदल जाता है (tanθr = μs), वही विराम कोण θr है — इससे अधिक कोण पर वस्तु स्थिर नहीं रह सकती।
ध्यान देने वाली बात: इस शर्त में द्रव्यमान m कहीं नहीं है। द्रव्यमान दोनों तरफ़ (नीचे धकेलने वाले घटक में और N में भी) एक जैसे ही गुणा होकर कट जाता है। इसलिए विराम कोण केवल सतहों के घर्षण गुणांक पर निर्भर करता है, वस्तु कितनी भारी है उस पर नहीं।
tanθr = μsθr = tan⁻¹μs
फिसलने का त्वरण, a = g(sinθ − μkcosθ) कैसे निकला
जब कोण विराम कोण से अधिक हो जाता है, ब्लॉक फिसलना शुरू करता है, और अब घर्षण अपनी सीमा पर नहीं रहता, बल्कि गतिज घर्षण के नियम का पालन करता है: f = μkN = μk mg cosθ, जो हमेशा गति के विपरीत (यहाँ ढलान के ऊपर की ओर) कार्य करता है।
तल के अनुदिश न्यूटन का द्वितीय नियम लगाने पर, नेट बल ΣF = mg sinθ − f = mg sinθ − μk mg cosθ। द्रव्यमान से भाग देने पर त्वरण मिलता है, a = ΣF/m = g sinθ − μk g cosθ = g(sinθ − μkcosθ)। यहाँ भी द्रव्यमान कट जाता है, इसलिए एक ही ढलान और घर्षण पर भारी और हल्का ब्लॉक बराबर त्वरण से फिसलते हैं — मुक्त पतन की तरह ही।
घर्षण न हो (μk = 0) तो यह सूत्र सरल हो जाता है, a = g sinθ, जो चिकने आनत तल का जाना-पहचाना सूत्र है।
a = g(sinθ − μkcosθ)फिसलते समय तल के अनुदिश त्वरण
स्थैतिक घर्षण बनाम गतिज घर्षण: दोनों अलग संख्याएँ क्यों
एक सामान्य ग़लतफ़हमी है कि घर्षण एक ही स्थिर संख्या है। वास्तव में जब वस्तु विराम में होती है (स्थैतिक घर्षण) और जब वह हिलना शुरू कर देती है (गतिज घर्षण), तब का घर्षण अक्सर अलग होता है, और लगभग हमेशा μk < μs होता है।
स्थैतिक घर्षण कोई स्थिर संख्या नहीं है — यह ज़रूरत के अनुसार बदलता है, अपनी सीमा μsN तक। जब तक लगाया गया बल इस सीमा से कम रहता है, स्थैतिक घर्षण ठीक उतना ही होकर संतुलन बनाए रखता है। इसीलिए सिमुलेशन में छोटे कोण पर घर्षण की रीडिंग mg sinθ के बराबर दिखती है, μsN के बराबर नहीं।
जैसे ही सीमा पार होती है, घर्षण "ज़रूरत जितना" रहना बंद कर देता है और एक स्थिर मान μkN पर आ जाता है। μk आमतौर पर μs से कम होता है, क्योंकि गति शुरू होने पर दोनों सतहों के बीच के छोटे-छोटे जोड़ पहले ही टूट चुके होते हैं, इसलिए चलती वस्तु को चलाए रखना उसे शुरू में हिलाने से आसान होता है। इसीलिए भारी अलमारी को खिसकाने का पहला धक्का सबसे भारी लगता है — एक बार हिलना शुरू हो जाए तो आगे धकेलना आसान हो जाता है।
सिमुलेशन में स्वयं आज़माएँ
हर प्रयोग का परिणाम पहले अनुमान लगाएँ, फिर चलाकर मिलाएँ।
- कोण 30°, μs = 0.40 और μk = 0.30 रखें — यह सिमुलेशन के अपने डिफ़ॉल्ट मान हैं। पहले हाथ से हिसाब लगाएँ कि ब्लॉक फिसलेगा या नहीं, फिर चलाकर मिलाएँ।
- कोण धीरे-धीरे घटाएँ और देखें कि स्थिति-पाठ ठीक कब "आनत तल पर फिसल रहा है" से "ब्लॉक स्थिर है" में बदलता है। वह कोण "विराम कोण" रीडिंग से मिलना चाहिए।
- उसी कोण पर μs बढ़ाएँ, एक बिंदु पर ब्लॉक फिर स्थिर हो जाएगा, क्योंकि विराम कोण अब आनत तल के कोण से बड़ा हो गया है।
- μs को स्थिर रखते हुए μk घटाएँ: ब्लॉक के फिसलना शुरू करने का कोण नहीं बदलता (वह μs तय करता है), पर एक बार फिसलने पर त्वरण बढ़ जाता है, क्योंकि a = g(sinθ − μkcosθ) में μk छोटा हो गया।
- द्रव्यमान दोगुना करें। त्वरण और "फिसलेगा या नहीं" का निर्णय दोनों अपरिवर्तित रहते हैं, क्योंकि द्रव्यमान दोनों सूत्रों में कट जाता है — केवल भार, अभिलंब बल और घर्षण बल (न्यूटन में) दोगुने हो जाते हैं।
हल किए गए प्रश्न
पहले दिया गया लिखें, फिर सूत्र, फिर मान रखें। परीक्षा में भी इस क्रम से लिखने पर पूरे अंक मिलते हैं।
प्रश्न 1: भार के घटक निकालना
5 kg का एक बक्सा 30° के आनत तल पर रखा है। इसका भार, और ढलान के अनुदिश व लंबवत घटक ज्ञात करें।
mg = 5 × 9.8 = 49.0 N। mg sinθ = 49.0 × sin30° = 24.5 N। mg cosθ = 49.0 × cos30° = 42.4 N।
प्रश्न 2: क्या बक्सा स्थिर रहेगा?
प्रश्न 1 के बक्से के लिए μs = 0.50 हो, तो अधिकतम स्थैतिक घर्षण ज्ञात करें और बताएँ कि बक्सा स्थिर रहेगा या नहीं।
अधिकतम स्थैतिक घर्षण = μsN = 0.50 × 42.4 = 21.2 N। mg sinθ = 24.5 N, जो इससे अधिक है, इसलिए बक्सा स्थिर नहीं रह सकता — यह फिसलेगा।
प्रश्न 3: विराम कोण ज्ञात करना
किसी तल का स्थैतिक घर्षण गुणांक μs = 0.35 है। इसका विराम कोण ज्ञात करें।
tanθr = μs = 0.35, इसलिए θr = tan⁻¹(0.35) = 19.3°। इससे अधिक कोण वाले किसी भी आनत तल पर वस्तु अपने आप फिसलना शुरू कर देगी।
प्रश्न 4: घर्षण के साथ और बिना घर्षण त्वरण की तुलना
एक ब्लॉक 40° के आनत तल पर फिसल रहा है। बिना घर्षण और μk = 0.20 के साथ त्वरण ज्ञात करें।
बिना घर्षण: a = g sinθ = 9.8 × sin40° = 6.30 m/s²। घर्षण के साथ: a = g(sinθ − μkcosθ) = 9.8 × (sin40° − 0.20 × cos40°) = 4.80 m/s²। घर्षण ने त्वरण घटा दिया, पर शून्य नहीं किया।
प्रश्न 5: सिमुलेशन के डिफ़ॉल्ट मान से पूरा हल
सिमुलेशन के अपने मान: कोण 30°, द्रव्यमान 2 kg, μs = 0.40, μk = 0.30, आनत तल की लंबाई 6 m। क्या ब्लॉक स्थिर रहेगा, और यदि फिसले तो तली तक पहुँचने में कितना समय और कितना वेग लगेगा?
mg = 19.6 N, mg sinθ = 9.8 N, N = 17.0 N, अधिकतम स्थैतिक घर्षण = μsN = 6.8 N। 9.8 > 6.8, इसलिए ब्लॉक फिसलेगा।
गतिज घर्षण = μkN = 5.1 N। त्वरण, a = (mg sinθ − घर्षण) / m = (9.8 − 5.1) / 2 = 2.35 m/s²। 6 m दूरी तय करने में समय, t = √(2s/a) = 2.26 s, और वेग v = √(2as) = 5.31 m/s। सिमुलेशन चलाकर यही मान मिलाकर देखें।
प्रश्न 6: एक बक्सा जो नहीं फिसलेगा
3 kg का एक बक्सा 25° के आनत तल पर है, जिसका μs = 0.60 है। क्या यह स्थिर रहेगा?
इस तल का विराम कोण θr = tan⁻¹(0.60) = 31.0° है, जो दिए गए कोण 25° से अधिक है, इसलिए बक्सा स्थिर रहेगा। जाँच: N = 29.4 × cos25° = 26.6 N, अधिकतम स्थैतिक घर्षण = 0.60 × 26.6 = 16.0 N, और mg sinθ = 29.4 × sin25° = 12.4 N, जो इससे कम है।
प्रश्न 7: चिकने आनत तल पर वेग
एक ब्लॉक बिना घर्षण के 45° आनत तल पर विराम से छोड़ा जाता है। 10 m फिसलने के बाद इसका वेग ज्ञात करें।
a = g sinθ = 9.8 × sin45° = 6.93 m/s²। v = √(2as) = √(2 × 6.93 × 10) = 11.77 m/s।
प्रश्न 8: ढलान पर ऊपर जाते ब्लॉक की रुकने की दूरी
एक ब्लॉक को 20° आनत तल पर ऊपर की ओर 8 m/s वेग से धकेला जाता है, μk = 0.25। रुकने से पहले यह कितनी दूर जाएगा?
ऊपर जाते समय गुरुत्व और घर्षण दोनों नीचे की ओर कार्य करते हैं (घर्षण अब ढलान के नीचे की ओर, ऊपर की गति के विरुद्ध): a = g(sinθ + μkcosθ) = 9.8 × (sin20° + 0.25 × cos20°) = 5.65 m/s²। v² = u² − 2as से, 0 = 8² − 2 × 5.65 × s, इसलिए s = 5.66 m।
प्रश्न 9: अचर वेग से फिसलने के लिए ज़रूरी μk
एक ब्लॉक 35° के आनत तल पर ठीक अचर वेग से (त्वरण शून्य) फिसल रहा है। μk कितना होना चाहिए?
त्वरण शून्य होने का मतलब है mg sinθ = μk mg cosθ, इसलिए μk = tanθ = tan35° = 0.70। ध्यान दें, यह विराम कोण के सूत्र जैसा ही दिखता है, पर यहाँ गतिज घर्षण अचर-वेग की शर्त पूरी कर रहा है, स्थैतिक संतुलन नहीं।
एक नज़र में: परिचित सतहों के घर्षण गुणांक
नीचे दिए गोल किए गए, उदाहरण के गतिज-घर्षण मान दिखाते हैं कि सतह बदलने पर घर्षण कितना अलग हो सकता है। बर्फ पर बर्फ लगभग घर्षणरहित है; कंक्रीट पर रबर सबसे अधिक पकड़ वाली सतहों में से एक है।
| सतहों की जोड़ी | अनुमानित μk |
|---|---|
| बर्फ पर बर्फ | 0.03 |
| इस्पात पर टेफ़लॉन | 0.05 |
| लकड़ी पर लकड़ी | 0.30 |
| इस्पात पर इस्पात | 0.55 |
| कंक्रीट पर रबर (टायर) | 0.70 |
सब जो ग़लतियाँ करते हैं
इन ग़लतियों से बचने पर आनत तल के प्रश्नों में अंक कटने का डर नहीं रहता।
- mg sinθ और mg cosθ को गड्डमड्ड कर देना। सरल जाँच: छोटे कोण (लगभग समतल) पर ढलान वाला घटक छोटा होना चाहिए, और छोटे कोण पर sinθ छोटा रहता है जबकि cosθ लगभग 1 रहता है।
- यह मान लेना कि N = mg है। आनत तल पर N = mg cosθ होता है, mg नहीं — N केवल समतल क्षैतिज तल पर mg के बराबर होता है।
- स्थैतिक घर्षण को हमेशा μsN मान लेना। वास्तव में स्थैतिक घर्षण ज़रूरत के अनुसार बदलता है, केवल गति शुरू होने के ठीक पहले μsN तक पहुँचता है।
- μk और μs को एक समान मान लेना। μk आमतौर पर μs से छोटा होता है, इसीलिए पहले से फिसल रहे किसी पिंड को चलाए रखना उसे शुरू में हिलाने से आसान है।
- विराम कोण को द्रव्यमान पर निर्भर मान लेना। tanθr = μs में द्रव्यमान का कोई पद नहीं है — एक ही सतह पर भारी और हल्के पिंड एक ही कोण पर फिसलना शुरू करते हैं।
- त्वरण के सूत्र में घर्षण वाले पद में cosθ भूल जाना। घर्षण N पर निर्भर करता है, और N = mg cosθ, इसलिए जहाँ घर्षण है वहाँ cosθ भी होना चाहिए।
रोज़मर्रा की ज़िंदगी में आनत तल
ये हिसाब सिर्फ़ परीक्षा की किताब तक सीमित नहीं हैं — आसपास की कई ढलानों के पीछे भी यही नियम काम कर रहे होते हैं।
- व्हीलचेयर रैंप: नियमों में तय किया जाता है कि रैंप कितना तेज़ ढलान वाला हो सकता है, क्योंकि एक सीमा के बाद mg sinθ इतना बढ़ जाता है कि व्हीलचेयर धकेलना सच में मुश्किल हो जाता है।
- पहाड़ी रास्तों के ढलान-साइनबोर्ड: तेज़ ढलान का मतलब है बड़ा mg sinθ जो गाड़ी को नीचे खींचता है, इसीलिए तेज़ उतराई पर ब्रेक की भूमिका बढ़ जाती है।
- अन्न भंडार और रेत के ढेर: अनाज या रेत केवल अपने विराम कोण तक ही ढेर बन सकते हैं, उसके बाद ऊपरी परत फिसल जाती है — tanθr = μs का सीधा, आँखों से दिखने वाला उदाहरण।
- स्की ढलान: तेज़ ढलान स्कीयर को अधिक त्वरण देती है (a = g sinθ, क्योंकि बर्फ पर घर्षण बहुत कम होता है), इसीलिए तेज़ ढलान पर अधिक कौशल चाहिए।
- कन्वेयर बेल्ट: सामान ऊपर ले जाने वाली बेल्ट का ढलान एक सीमा से कम रखा जाता है, नहीं तो सामान पकड़ खो देता है और फिसलकर वापस नीचे आ जाता है।
- सीढ़ियाँ: सीढ़ी असल में कई बहुत तेज़ आनत तलों की एक श्रेणी है, इसलिए हर सीढ़ी की ऊँचाई और गहराई का अनुपात इसी भौतिकी से जुड़ा है।
परीक्षा कॉर्नर: CBSE बोर्ड और JEE/NEET
CBSE बोर्ड में परिभाषा वाले प्रश्न विराम कोण, और स्थैतिक व गतिज घर्षण के अंतर की स्पष्ट परिभाषा माँगते हैं। संख्यात्मक प्रश्न लगभग हमेशा भार को mg sinθ और mg cosθ में बाँटने से शुरू होते हैं, और यहाँ पहला ग़लत क़दम आगे के हर उत्तर को बिगाड़ देता है। JEE और NEET में विराम कोण के आगे जाकर, फिसलते ब्लॉक पर एक साथ कई बल (जैसे कोई बाहरी धक्का) लगने वाले प्रश्न भी आते हैं, जहाँ पहले वही तल-अनुदिश और तल-लंबवत बँटवारा करना पड़ता है। न्यूटन के नियमों वाले एनिमेशन में समतल फर्श पर घर्षण देखा था; यहाँ वही घर्षण अब एक झुके हुए तल पर काम कर रहा है — दोनों पेज एक साथ पढ़ने से बात जल्दी समझ में आती है।
एक विशिष्ट संरचित प्रश्न
परिस्थिति: 2 kg का एक बक्सा 30° के आनत तल पर रखा है, जिसका μs = 0.40 और μk = 0.30 है।
(क) विराम कोण की परिभाषा दें। (ख) स्थैतिक और गतिज घर्षण का अंतर लिखें। (ग) संख्यात्मक रूप से दिखाएँ कि बक्सा स्थिर रहेगा या नहीं। (घ) "आनत तल का कोण बढ़ाने पर ब्लॉक का त्वरण रैखिक रूप से बढ़ता है" — इस कथन की जाँच करें।
(ग) का उत्तर: N = 17.0 N, अधिकतम स्थैतिक घर्षण = 6.8 N, और mg sinθ = 9.8 N इससे अधिक है, इसलिए बक्सा स्थिर नहीं रहेगा। (घ) का उत्तर: a = g(sinθ − μkcosθ) sinθ और cosθ का एक संयोग है, θ का रैखिक फलन नहीं — कथन सही नहीं है; त्वरण कोण के साथ बढ़ता तो है, पर सीधी रेखा जैसे नहीं।
रिवीज़न: आख़िरी समय का सारांश
परीक्षा से पहले सिर्फ़ इस सूची पर एक नज़र डाल लेना ही काफ़ी है।
- भार के घटक: ढलान के अनुदिश mg sinθ, ढलान के लंबवत mg cosθ = N (कोई अन्य ऊर्ध्वाधर बल न हो तो)।
- स्थिर रहने की शर्त: mg sinθ ≤ μsN, यानी tanθ ≤ μs।
- विराम कोण: tanθr = μs, θr = tan⁻¹μs — द्रव्यमान से स्वतंत्र।
- फिसलने का त्वरण: a = g(sinθ − μkcosθ); घर्षण न हो तो a = g sinθ।
- μk आमतौर पर μs से छोटा होता है, इसलिए गति शुरू होने पर घर्षण घट जाता है।
- अचर वेग से फिसलने की शर्त: μk = tanθ, तब त्वरण शून्य होता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
आनत तल किसे कहते हैं?
क्षैतिज तल से कोण बनाकर रखे किसी समतल तल को आनत तल कहते हैं। इस पर रखी वस्तु के भार को तल के अनुदिश और तल के लंबवत — दो घटकों में बाँटकर विश्लेषण किया जाता है।
आनत तल पर भार के घटकों का सूत्र क्या है?
ढलान के अनुदिश घटक mg sinθ है, जो वस्तु को नीचे धकेलता है। ढलान के लंबवत घटक mg cosθ है, जो कोई अन्य ऊर्ध्वाधर बल न होने पर अभिलंब प्रतिक्रिया बल N के बराबर होता है।
विराम कोण किसे कहते हैं?
जिस कोण पर आनत तल पर रखी वस्तु ठीक फिसलना शुरू करती है, उसे विराम कोण (θr) कहते हैं। इसका सूत्र tanθr = μs है, जहाँ μs स्थैतिक घर्षण गुणांक है।
स्थैतिक और गतिज घर्षण में क्या अंतर है?
स्थैतिक घर्षण वस्तु के विराम में रहते समय कार्य करता है और ज़रूरत के अनुसार अधिकतम μsN तक बदलता है। गतिज घर्षण वस्तु के हिलने के बाद कार्य करता है और आमतौर पर एक स्थिर मान μkN लेता है, जहाँ μk, μs से छोटा होता है।
आनत तल पर फिसलते समय त्वरण का सूत्र क्या है?
घर्षण के साथ, a = g(sinθ − μkcosθ)। घर्षण न हो तो यह सरल होकर a = g sinθ हो जाता है।
क्या विराम कोण वस्तु के द्रव्यमान पर निर्भर करता है?
नहीं। tanθr = μs सूत्र में द्रव्यमान का कोई पद नहीं है, क्योंकि द्रव्यमान नीचे धकेलने वाले घटक और अभिलंब बल दोनों में बराबर अनुपात में कट जाता है। एक ही सतह पर भारी और हल्की वस्तुएँ एक ही कोण पर फिसलना शुरू करती हैं।
क्या आनत तल पर अभिलंब प्रतिक्रिया बल हमेशा mg के बराबर होता है?
नहीं। आनत तल पर अभिलंब प्रतिक्रिया बल N = mg cosθ होता है, जो θ शून्य से अधिक होने पर mg से कम होता है। N केवल समतल क्षैतिज तल पर mg के बराबर होता है।
क्या भारी वस्तु आनत तल पर अधिक आसानी से फिसलती है?
नहीं। mg sinθ ≤ μsN की शर्त में mg और N दोनों द्रव्यमान के साथ एक जैसे बढ़ते हैं, इसलिए द्रव्यमान पूरी तरह कट जाता है। फिसलना केवल कोण और घर्षण गुणांकों पर निर्भर करता है, वस्तु कितनी भारी है उस पर नहीं।
किस शर्त पर ब्लॉक आनत तल पर अचर वेग से फिसलता है?
त्वरण शून्य होना चाहिए, यानी mg sinθ = μk mg cosθ, इसलिए μk = tanθ। इस ठीक घर्षण गुणांक पर घर्षण बल नीचे धकेलने वाले घटक को पूरी तरह संतुलित कर देता है।
इस विषय पर और पढ़ाई
एनिमेशन से अवधारणा साफ़ हुई, अब परीक्षा की तैयारी: सिलेबस, सुझाव, किताबें और प्रवेश परीक्षा गाइड नीचे हैं (अंग्रेज़ी में)।
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HSC Physics: syllabus and preparation
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SSC Physics: syllabus and preparation
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Class 9-10 Physics textbook
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Dhaka University science unit admission 2026-27
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Composition: The Uses of Electricity
Bangla
প্রতিবেদন: বিজ্ঞান মেলা (बांग्ला में)
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Paragraph: Science in Everyday Life
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कक्षा 10 · 12
विद्युत चुंबकीय प्रेरण
विद्युत चुंबकीय प्रेरण किसे कहते हैं? चुंबक को कुंडली से गुज़ारो और सेंटर-ज़ीरो गैल्वेनोमीटर देखो। फैराडे का नियम e = −N dΦ/dt और लेंज़ का नियम हल किए गए उदाहरणों के साथ।
कक्षा 9 · 11
संवेग संरक्षण और संघट्ट
संवेग संरक्षण का नियम क्या है? दो गाड़ियों को टकराओ और प्रत्यावस्थान गुणांक e को 0 (चिपकना) से 1 (प्रत्यास्थ) तक बदलो। संवेग और गतिज ऊर्जा के बार-चार्ट लाइव देखो, हल किए गए उदाहरणों के साथ।
कक्षा 9 · 11
कार्य, ऊर्जा और शक्ति
कार्य किसे कहते हैं, गतिज व स्थितिज ऊर्जा और शक्ति के सूत्र क्या हैं: घुमावदार पथ पर लुढ़कती कार्ट की सिमुलेशन में ऊर्जा का रूपांतरण देखें, हल किए गए प्रश्नों के साथ।
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