द्रव्यमानों को छड़ पर खींचकर खिसकाएँ। छड़ को भारहीन माना गया है
नियंत्रण
दृश्य
कौन-सा द्रव्यमान खिसकाना है
मापन
- कुल द्रव्यमान
- 6.0kg
- द्रव्यमान केंद्र, x
- 59.17cm
- आधार (टेक) की स्थिति
- 50.0cm
- आधार के परितः कुल बल-आघूर्ण
- 5.39N·m
सिमुलेशन का उपयोग कैसे करें
- “छड़ पर बिंदु द्रव्यमान” दृश्य में क, ख, ग को माउस या उँगली से खींचें; पीला समचतुर्भुज द्रव्यमान केंद्र है और उसकी स्थिति मापन में दिखती है।
- आधार का स्लाइडर खिसकाकर देखें कि छड़ किधर झुकती है, फिर “आधार को द्रव्यमान केंद्र के नीचे ले जाएँ” चालू करके उसे समतल करें।
- “समतल पट्टिका पर द्रव्यमान” दृश्य में बिंदुदार रेखाओं से देखें कि द्रव्यमान केंद्र x और y दोनों दिशाओं में कैसे खिसकता है।
- “गिरता हुआ गुटका या बस” दृश्य में चौड़ाई, ऊँचाई और तल का बोझ बदलें, फिर आधार को धीरे-धीरे झुकाकर क्रांतिक कोण पर बस को उलटते देखें।
दो उँगलियों पर पैमाना: एक छोटा खेल
एक पैमाना अपनी दोनों तर्जनी उँगलियों पर ढीला रखें, एक-एक उँगली दोनों सिरों के पास। अब उँगलियों को धीरे-धीरे पास लाएँ। अजीब बात यह है कि दोनों एक साथ नहीं खिसकतीं। पहले एक खिसकती है, फिर दूसरी, और अंत में दोनों ठीक बीच में मिल जाती हैं। यही मिलन बिंदु पैमाने का द्रव्यमान केंद्र है।
अब एक सिरे पर थोड़ी-सी मिट्टी चिपका दें और फिर दोहराएँ। उँगलियाँ अब मिट्टी की ओर पास मिलेंगी। भारी सिरे की ओर द्रव्यमान केंद्र खिसक गया। एक छोटे प्रयोग में ही आपने उसका असली स्वभाव पकड़ लिया: यह द्रव्यमान के भार से तौली गई औसत स्थिति है।
रस्सी पर चलता नट, रिक्शे पर लदा बाँस, बस की छत पर रखा सामान और मोड़ पर बस पलटने की ख़बर, सब एक ही सूत्र से बंधे हैं। इस पाठ में हम वह सूत्र बनाएँगे, सिमुलेशन में खेलेंगे और फिर हिसाब लगाएँगे।
शुरुआत से: द्रव्यमान केंद्र है क्या
एक वस्तु अरबों कणों से बनी है और पृथ्वी हर कण को अलग-अलग खींचती है। हिसाब आसान रखने के लिए हम इन अनगिनत खिंचावों को एक ही तीर से दिखाना चाहते हैं। एक विशेष बिंदु होता है, जहाँ सारा द्रव्यमान केंद्रित मान लें तो वस्तु की स्थानांतरीय गति (एक जगह से दूसरी जगह जाना) सही निकलती है। उसी बिंदु को द्रव्यमान केंद्र कहते हैं।
हवा में उछाले गए घूमते हथौड़े को देखें। वह कलाबाज़ी खाता है और गति उलझी लगती है। फिर भी उसका द्रव्यमान केंद्र एक चिकना परवलय बनाता है, ठीक वैसे जैसे छोटा-सा पत्थर चलता। वस्तु चाहे जैसे घूमे, द्रव्यमान केंद्र उन्हीं बाहरी बलों में एक बिंदु द्रव्यमान की तरह चलता है।
द्रव्यमान केंद्र का वस्तु के भीतर होना ज़रूरी नहीं। छल्ले का द्रव्यमान केंद्र उसके खाली केंद्र में होता है। अर्धवृत्ताकार तार का द्रव्यमान केंद्र तार के बाहर, मोड़ के भीतर की ओर पड़ता है। पृथ्वी और चंद्रमा के संयुक्त निकाय का द्रव्यमान केंद्र कहाँ है, यह हम आगे निकालेंगे।
द्रव्यमान केंद्र और गुरुत्व केंद्र दो अलग धारणाएँ हैं। द्रव्यमान केंद्र केवल इस पर निर्भर है कि द्रव्यमान कैसे फैला है। गुरुत्व केंद्र वह बिंदु है जहाँ वस्तु का पूरा भार कार्य करता प्रतीत होता है। जब g हर जगह समान हो, जैसा ज़मीन के पास की वस्तुओं में होता है, तो दोनों बिंदु एक ही होते हैं। अलग तभी होंगे जब वस्तु इतनी विशाल हो कि g बदलने लगे। स्कूली प्रश्नों में दोनों को एक ही मानें।
जो शब्द आने ही चाहिए
इस अध्याय में नीचे दिए शब्द बार-बार आते हैं। हर एक का सरल अर्थ और जाना-पहचाना उदाहरण दिया गया है।
| राशि | सरल अर्थ | जाना-पहचाना उदाहरण |
|---|---|---|
| द्रव्यमान केंद्र | द्रव्यमान-वितरण का संतुलन बिंदु | उँगली पर पेंसिल जिस बिंदु पर संतुलित हो |
| गुरुत्व केंद्र | वह बिंदु जहाँ पूरा भार कार्य करता है | लटकाने पर वह बिंदु जिसके ठीक नीचे डोरी रुके |
| बिंदु द्रव्यमान | आकार की उपेक्षा कर एक बिंदु पर कल्पित द्रव्यमान | छड़ पर चिपका छोटा धातु का मनका |
| बल-आघूर्ण (टॉर्क) | बल गुणा लंबवत दूरी; घुमाने की क्षमता | दरवाज़े के हैंडल पर धक्का |
| आधार (टेक) | वह बिंदु जहाँ वस्तु को सहारा दिया जाता है | तराज़ू के बीच की छुरी-धार |
| संतुलन | कुल बल और कुल बल-आघूर्ण दोनों शून्य | बिल्कुल स्थिर लटका तराज़ू |
| स्थायी संतुलन | थोड़ा हटाने पर स्वयं लौट आता है | कटोरी की तली में रखी गोली |
| अस्थायी संतुलन | थोड़ा हटाने पर और दूर चला जाता है | उलटी कटोरी के ऊपर रखी गोली |
| उदासीन संतुलन | जहाँ छोड़ो वहीं टिका रहता है | समतल मेज़ पर रखी गोली |
सूत्र: स्थितियों का भारित औसत
साधारण औसत में हर संख्या का वज़न बराबर होता है। द्रव्यमान केंद्र के औसत में हर स्थिति का वज़न उस जगह रखा द्रव्यमान है। भारी द्रव्यमान औसत को अधिक अपनी ओर खींचता है, इसलिए द्रव्यमान केंद्र भारी पक्ष के पास खिसक जाता है।
x_cm = (m₁x₁ + m₂x₂ + … + mₙxₙ) / (m₁ + m₂ + … + mₙ)सरल रेखा में
x_cm = Σmx / Σm, y_cm = Σmy / Σmसमतल में दो संख्याएँ
x_cm = (1/M) ∫ x dmसतत वितरण वाली वस्तु के लिए
दो कण: सबसे आसान स्थिति
4 kg और 1 kg के दो पिंड 100 cm दूर हैं। मूल बिंदु 4 kg पर रखें तो x_cm = (4×0 + 1×100) / (4 + 1) = 20 cm। द्रव्यमान केंद्र दोनों को जोड़ने वाली रेखा पर, भारी पिंड के काफ़ी पास है।
दोनों दूरियों का अनुपात द्रव्यमानों के अनुपात का व्युत्क्रम होता है: भारी से दूरी ÷ हल्के से दूरी = हल्का द्रव्यमान ÷ भारी द्रव्यमान। यह तराज़ू का नियम ही है।
अनेक कण और सिमुलेशन के प्रारंभिक मान
शुरू में क = 2 kg (20 cm), ख = 1 kg (60 cm), ग = 3 kg (85 cm); कुल द्रव्यमान 6 kg। आघूर्णों का योग: 2×20 + 1×60 + 3×85 = 40 + 60 + 255 = 355। अतः x_cm = 355 ÷ 6 = 59.17 cm।
जाँचने का सुंदर तरीका: हर द्रव्यमान को द्रव्यमान केंद्र से उसकी दूरी से गुणा करके जोड़ें; योग शून्य आना चाहिए। Σm(x − x_cm) = 0। द्रव्यमान केंद्र के दोनों ओर का “द्रव्यमान × दूरी” ठीक एक-दूसरे को काटता है।
ज्ञात आकार वाली वस्तुएँ
एकसमान वस्तु का द्रव्यमान केंद्र उसके ज्यामितीय केंद्र पर होता है। जिन आकारों में केंद्र साफ़ नहीं दिखता, उनके मानक परिणाम नीचे हैं, R = 10 cm और H = 12 cm लेकर निकाले गए।
| वस्तु | कहाँ से मापा | सूत्र | उदाहरण |
|---|---|---|---|
| अर्धवृत्ताकार तार | व्यास के मध्य-बिंदु से | 2R/π | 6.37 cm |
| अर्धवृत्ताकार चकती | व्यास के मध्य-बिंदु से | 4R/3π | 4.24 cm |
| ठोस अर्धगोला | समतल सतह के केंद्र से | 3R/8 | 3.75 cm |
| खोखला अर्धगोला | समतल सतह के केंद्र से | R/2 | 5.00 cm |
| त्रिभुजाकार पट्टिका | आधार से, ऊँचाई की दिशा में | H/3 | 4.00 cm |
| ठोस शंकु | आधार से, ऊँचाई की दिशा में | H/4 | 3.00 cm |
यह सूत्र आया कहाँ से
सूत्र रटना आसान है, पर यही सूत्र क्यों? दो छोटे तर्क इसे साफ़ कर देते हैं: एक तराज़ू का, दूसरा न्यूटन के नियमों का।
आघूर्णों के संतुलन से
हल्की छड़ पर m₁, m₂, … द्रव्यमान रखें और छड़ को बिंदु P पर टिकाएँ। हर भार mg नीचे की ओर टेक से (x − P) दूरी पर खींचता है। छड़ तभी संतुलित रहेगी जब P के परितः दक्षिणावर्त और वामावर्त आघूर्ण बराबर हों।
अर्थात Σ m g (x − P) = 0। g काटकर लिखें Σ m x − P Σ m = 0, तो P = Σ m x / Σ m। जिस बिंदु पर टिकाने से छड़ संतुलित रहे, वही द्रव्यमान केंद्र है।
Σ m g (x − P) = 0 ⇒ P = Σmx / Σm
न्यूटन से: एक बिंदु द्रव्यमान की तरह गति
हर कण के लिए न्यूटन का दूसरा नियम लिखकर सबको जोड़ें: Σ mᵢaᵢ = Σ Fᵢ। दाईं ओर आंतरिक बल जोड़ियों में कट जाते हैं, क्योंकि तीसरे नियम के अनुसार क जितने बल से ख को खींचता है, ख उतने ही बल से क को उलटी दिशा में खींचता है। केवल बाहरी बल बचते हैं।
बाईं ओर Σ mᵢaᵢ = M a_cm, जो द्रव्यमान केंद्र की परिभाषा का समय के सापेक्ष दो बार अवकलन करने पर आता है। इसलिए M a_cm = F_बाह्य। इसी कारण बाहरी बल न हो तो विस्फोट के बाद टुकड़े कहीं भी जाएँ, उनका द्रव्यमान केंद्र पहले की तरह ही चलता रहता है।
Σ mᵢaᵢ = Σ Fᵢसभी कणों के समीकरण जोड़ें
M a_cm = F_extआंतरिक बल कट जाते हैं
संतुलन और स्थायित्व
किसी वस्तु पर कुल बल और कुल बल-आघूर्ण दोनों शून्य हों तो वह संतुलन में है। पर सभी संतुलन एक जैसे नहीं होते। वस्तु को थोड़ा हिलाकर देखें क्या होता है; इसी से संतुलन तीन प्रकार का बनता है।
परीक्षा के लिए सबसे काम का नियम: हिलाने पर द्रव्यमान केंद्र ऊपर उठे तो संतुलन स्थायी, नीचे गिरे तो अस्थायी, और समान ऊँचाई पर रहे तो उदासीन। द्रव्यमान केंद्र को ऊपर उठाने में कार्य करना पड़ता है, इसलिए वस्तु स्वयं लौटना चाहती है।
tan φ_c = (b/2) / hउलटने का क्रांतिक कोण
φ < φ_c ⇒ स्थायी, φ > φ_c ⇒ उलट जाता हैझुकाव φ बनाम क्रांतिक कोण
बस कब उलटती है
बस पहियों के बीच के आयत, यानी अपने आधार पर टिकी है। द्रव्यमान केंद्र से ऊर्ध्वाधर रेखा नीचे खींचें। यदि वह आधार के भीतर गिरती है तो भार बस को वापस नीचे बैठा देता है। यदि बाहर गिरती है तो भार ही बस को पलट देता है।
आधार की चौड़ाई b और द्रव्यमान केंद्र की ऊँचाई h हो तो क्रांतिक झुकाव tan φ_c = (b/2)/h से मिलता है। चौड़ाई बढ़ाने या केंद्र नीचे लाने से φ_c बढ़ता है और बस अधिक झुककर भी टिकी रहती है।
रेसिंग कार चौड़ी और नीची क्यों होती है
रेसिंग कार की पटरी चौड़ी और द्रव्यमान केंद्र सड़क के बहुत पास होता है। दोनों बातें φ_c बढ़ाती हैं। छत पर सामान लादी गई डबल-डेकर इसका उलटा करती है: द्रव्यमान केंद्र ऊपर चढ़ता है और सुरक्षित कोण घट जाता है।
| प्रकार | हिलाने पर द्रव्यमान केंद्र | क्या होता है | उदाहरण |
|---|---|---|---|
| स्थायी | ऊपर उठता है | लौट आता है | कटोरी में गोली, लटका झूला |
| अस्थायी | नीचे गिरता है | दूर भाग जाता है | नोक पर खड़ी पेंसिल |
| उदासीन | समान ऊँचाई पर रहता है | जहाँ है वहीं टिकता है | समतल फ़र्श पर रखी गेंद |
सिमुलेशन में खुद आज़माएँ
हर प्रयोग से पहले अनुमान लगाएँ कि क्या होगा, फिर स्लाइडर या द्रव्यमान खिसकाएँ।
- छड़ वाले दृश्य में आधार 50 cm पर रखें। छड़ किधर झुकी? बल-आघूर्ण का मापन 5.39 N·m धनात्मक क्यों है?
- “आधार को द्रव्यमान केंद्र के नीचे ले जाएँ” चालू करें। बल-आघूर्ण शून्य हो जाता है और छड़ समतल हो जाती है। अब द्रव्यमान ख को दाईं ओर खींचें तो क्या बदलता है?
- द्रव्यमान ग को 3 से 6 kg करें। द्रव्यमान केंद्र किधर और कितना खिसका?
- तीनों द्रव्यमान बराबर कर दें। क्या द्रव्यमान केंद्र तीनों x के साधारण औसत पर आता है?
- पट्टिका वाले दृश्य में एक द्रव्यमान को कोने में ले जाएँ। क्या x_cm और y_cm दोनों बदलते हैं?
- बस वाले दृश्य में “धीरे-धीरे झुकाएँ” चालू करें। झुकाव क्रांतिक कोण छूते ही क्या होता है? अब तल में भारी बोझ जोड़कर फिर झुकाएँ।
- चौड़ाई 0.4 m और ऊँचाई 3 m रखें, यानी लंबा पतला डिब्बा। क्रांतिक कोण कितना घट गया?
हल किए गए प्रश्न
हर प्रश्न में पहले चित्र बनाएँ, मूल बिंदु चुनें, फिर मान रखें। संख्याएँ यहाँ के सिमुलेशन से मिलती हैं।
प्रश्न 1: प्रारंभिक छड़
हल्की छड़ पर क = 2 kg (20 cm), ख = 1 kg (60 cm), ग = 3 kg (85 cm) हैं। द्रव्यमान केंद्र और 50 cm पर रखे आधार के परितः कुल बल-आघूर्ण ज्ञात कीजिए।
चरण 1: x_cm = 355 ÷ 6 = 59.17 cm। चरण 2: 50 cm के परितः आघूर्ण = g × Σ m(x − 50)/100 = 5.39 N·m। धनात्मक का अर्थ दायाँ पक्ष नीचे जाएगा, क्योंकि द्रव्यमान केंद्र आधार से 9.17 cm दाईं ओर है।
प्रश्न 2: वही द्रव्यमान पट्टिका पर
द्रव्यमान (20, 15), (60, 20) और (85, 50) cm पर हैं। x_cm = 59.17 cm और y_cm = (2×15 + 1×20 + 3×50) ÷ 6 = 33.33 cm। दोनों दिशाओं का हिसाब अलग-अलग करें, फिर जोड़ें।
प्रश्न 3: पृथ्वी और चंद्रमा
पृथ्वी 5.97×10²⁴ kg, चंद्रमा 7.35×10²² kg, केंद्रों की दूरी 3,84,400 km। पृथ्वी के केंद्र से द्रव्यमान केंद्र की दूरी = (चंद्रमा का द्रव्यमान × दूरी) ÷ कुल द्रव्यमान = 4,675 km।
पृथ्वी की त्रिज्या 6,371 km है, इसलिए द्रव्यमान केंद्र पृथ्वी के भीतर, सतह से थोड़ा नीचे है। यह कहना अधिक सही है कि दोनों पिंड इसी बिंदु के गिर्द घूमते हैं, न कि चंद्रमा पृथ्वी के गिर्द।
प्रश्न 4: नाव पर चलता व्यक्ति
शांत जल में 120 kg की नाव पर 60 kg का व्यक्ति 4 m चलता है। बाहरी क्षैतिज बल नहीं है, इसलिए व्यक्ति-नाव निकाय का द्रव्यमान केंद्र स्थिर रहता है।
नाव 60×4 ÷ (60 + 120) = 1.33 m विपरीत दिशा में खिसकेगी। किनारे के सापेक्ष व्यक्ति 2.67 m चला। भारी नाव कम खिसकती है।
प्रश्न 5: छेद वाली चकती
30 cm त्रिज्या की एकसमान चकती से 15 cm त्रिज्या का वृत्त इस प्रकार काटा गया कि छेद चकती के केंद्र को छूता है। द्रव्यमान केंद्र कितना खिसका?
द्रव्यमान क्षेत्रफल के अनुपात में होता है और छेद चकती का 0.25 भाग है। द्रव्यमान केंद्र छेद से दूर (छेद का भिन्न × 15) ÷ (1 − छेद का भिन्न) = 5 cm खिसकता है। युक्ति: कटे भाग को ऋणात्मक द्रव्यमान मानें।
प्रश्न 6: बस कितना झुक सकती है
बस के आधार की चौड़ाई 2.4 m और द्रव्यमान केंद्र 1.5 m ऊँचा है। क्रांतिक कोण = tan⁻¹((2.4/2)/1.5) = 38.7°।
फ़र्श पर भारी बैटरियाँ रखकर केंद्र 0.75 m पर लाएँ तो कोण 58.0° हो जाता है, और छत पर सामान लादकर 2.0 m करें तो 31.0° रह जाता है। छत का सामान सुरक्षित झुकाव का बड़ा हिस्सा खा लेता है।
सब यही गलतियाँ करते हैं
द्रव्यमान केंद्र के प्रश्नों में अधिकतर अंक कुछ गिनी-चुनी भूलों से कटते हैं।
- द्रव्यमान केंद्र को हमेशा ज्यामितीय केंद्र मान लेना। असमान द्रव्यमान में वह खिसकता है, और खोखली वस्तु में वस्तु के बाहर भी हो सकता है।
- “द्रव्यमान केंद्र” और “गुरुत्व केंद्र” को पर्यायवाची लिखना। ये अलग धारणाएँ हैं, जो केवल एकसमान g में एक बिंदु पर आती हैं।
- x_cm के सूत्र में हर में कुल द्रव्यमान की जगह कणों की संख्या रख देना।
- यह सोचना कि मूल बिंदु बदलने से द्रव्यमान केंद्र बदल जाता है। बिंदु वस्तु का अपना है; केवल उसका निर्देशांक बदलता है।
- आधार के परितः आघूर्ण लेते समय बाएँ-दाएँ दूरियों के चिह्न गड़बड़ा देना।
- पलटती वस्तु में ऊर्ध्वाधर रेखा द्रव्यमान केंद्र से खींचने के बजाय बस के बीच से खींच देना।
- स्थायी संतुलन का अर्थ “हिलता नहीं” समझना। उसका अर्थ है “हिलाने पर लौट आता है”; अस्थायी संतुलन भी कुछ देर टिका रह सकता है।
रोज़मर्रा की ज़िंदगी में द्रव्यमान केंद्र
सर्कस का कलाबाज़ तार पर चलते समय लंबी छड़ पकड़ता है। झुकी हुई छड़ संयुक्त द्रव्यमान केंद्र को तार के पास या नीचे खींच लाती है, इसलिए हल्का डगमगाना गिरावट नहीं, लौटाने वाला बल-आघूर्ण पैदा करता है।
ऊँची कूद का खिलाड़ी पीठ मोड़कर बार ऐसे पार करता है कि शरीर का द्रव्यमान केंद्र बार के नीचे से निकल सकता है, जबकि शरीर बार के ऊपर से गुज़रता है। यह द्रव्यमान केंद्र के शरीर से बाहर होने का सुंदर उपयोग है।
पीसा की झुकी मीनार आज भी खड़ी है क्योंकि उसके द्रव्यमान केंद्र से खींची ऊर्ध्वाधर रेखा अब भी आधार के भीतर पड़ती है। इंजीनियरों ने नींव मज़बूत करके झुकाव का बढ़ना रोका है।
नाव, क्रेन, ट्रक और रिक्शा, सबमें डिज़ाइनर द्रव्यमान केंद्र नीचा रखना चाहते हैं। इसीलिए ट्रक में भारी माल नीचे और हल्का माल ऊपर लादा जाता है।
परीक्षा कोना: NCERT और CBSE शैली
कक्षा 11 में यह अध्याय लघु-उत्तरीय और संख्यात्मक प्रश्नों के रूप में आता है। नीचे बोर्ड-प्रश्नपत्र जैसा नमूना है।
नमूना प्रश्न और उत्तर
प्रश्न: 0.8 m लंबी एक हल्की छड़ के एक सिरे पर 3 kg और दूसरे पर 5 kg है। (क) द्रव्यमान केंद्र की परिभाषा दीजिए। (ख) 3 kg वाले सिरे से द्रव्यमान केंद्र कितनी दूरी पर है? (ग) समझाइए कि वहाँ आधार रखने से छड़ क्षैतिज क्यों रहती है।
उत्तर: (ख) x = 5×0.8 ÷ (3 + 5) = 0.5 m, अर्थात 50 cm। (ग) द्रव्यमान केंद्र के परितः कुल बल-आघूर्ण Σ m g (x − x_cm) शून्य है, इसलिए घुमाने वाला कोई प्रभाव नहीं बचता।
उत्तर कैसे लिखें
दो अंक के वैचारिक प्रश्न में एक-दो वाक्यों में कारण लिखें, सूत्र नहीं। संख्यात्मक में सूत्र लिखें, मात्रक सहित मान रखें और मात्रक के साथ अंतिम उत्तर दें।
एक नज़र में दोहराव
परीक्षा से पहली रात यह सूची काफ़ी है।
- द्रव्यमान केंद्र = द्रव्यमान-भारित औसत स्थिति: x_cm = Σmx/Σm।
- समतल में y_cm = Σmy/Σm; एकसमान वस्तु का केंद्र ज्यामितीय केंद्र पर।
- जिस बिंदु पर टिकाने से छड़ संतुलित रहे वही द्रव्यमान केंद्र है; Σm(x − x_cm) = 0।
- M a_cm = F_बाह्य; आंतरिक बल द्रव्यमान केंद्र की गति नहीं बदल सकते।
- द्रव्यमान केंद्र भारी भाग की ओर खिसकता है और बड़े द्रव्यमान के पास रहता है।
- संतुलन तीन प्रकार का: हिलाने पर केंद्र ऊपर → स्थायी, नीचे → अस्थायी, समान → उदासीन।
- ऊर्ध्वाधर रेखा आधार से बाहर जाते ही वस्तु उलटती है: tan φ_c = (b/2)/h।
- चौड़ा आधार और नीचा द्रव्यमान केंद्र अधिक स्थायित्व देते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
द्रव्यमान केंद्र किसे कहते हैं?
किसी वस्तु या निकाय का वह बिंदु, जहाँ पूरा द्रव्यमान केंद्रित मान लेने पर बाहरी बलों के अंतर्गत उसकी कुल गति एक कण की गति जैसी हो जाती है, द्रव्यमान केंद्र कहलाता है। बिंदु द्रव्यमानों के लिए x_cm = Σmx/Σm। एकसमान वस्तु में यह ज्यामितीय केंद्र पर होता है।
द्रव्यमान केंद्र और गुरुत्व केंद्र में क्या अंतर है?
द्रव्यमान केंद्र केवल द्रव्यमान के वितरण पर निर्भर करता है। गुरुत्व केंद्र वह बिंदु है जहाँ वस्तु का कुल भार कार्य करता है। यदि g पूरी वस्तु में एकसमान हो तो दोनों एक ही बिंदु होते हैं; अत्यंत विशाल वस्तुओं में g बदलने पर थोड़े अलग हो जाते हैं।
क्या द्रव्यमान केंद्र वस्तु के बाहर हो सकता है?
हाँ। छल्ले का केंद्र खाली स्थान में होता है और अर्धवृत्ताकार तार का केंद्र तार से बाहर, मोड़ के भीतर पड़ता है। पृथ्वी-चंद्रमा निकाय का द्रव्यमान केंद्र पृथ्वी के भीतर है, पर उसके केंद्र पर नहीं।
बस क्यों उलट जाती है?
झुकते समय यदि द्रव्यमान केंद्र से खींची ऊर्ध्वाधर रेखा पहियों के बीच बने आधार के बाहर चली जाए, तो भार बस को और घुमाकर पलट देता है। क्रांतिक कोण tan φ_c = (b/2)/h है, इसलिए संकरा आधार या ऊँचा केंद्र पलटना आसान बना देते हैं।
स्थायी, अस्थायी और उदासीन संतुलन में क्या अंतर है?
थोड़ा हटाने पर जो वस्तु लौट आए उसका संतुलन स्थायी है और तब द्रव्यमान केंद्र ऊपर उठता है। जो और दूर चली जाए उसका संतुलन अस्थायी है और तब केंद्र नीचे गिरता है। जो नई जगह पर ही टिक जाए उसका संतुलन उदासीन है; केंद्र की ऊँचाई नहीं बदलती।
छड़ पर रखे द्रव्यमानों का द्रव्यमान केंद्र कैसे निकालें?
x_cm = (m₁x₁ + m₂x₂ + …) ÷ (m₁ + m₂ + …)। जैसे 2 kg (20 cm), 1 kg (60 cm) और 3 kg (85 cm) के लिए x_cm = 59.17 cm।
विस्फोट में द्रव्यमान केंद्र का क्या होता है?
बाहरी बल न हो तो द्रव्यमान केंद्र की गति ज्यों की त्यों रहती है। टुकड़े चाहे किसी भी दिशा में जाएँ, उनकी द्रव्यमान-भारित औसत स्थिति पुराने पथ पर चलती रहती है, क्योंकि आंतरिक बल जोड़ियों में कट जाते हैं।
उछाली गई घूमती वस्तु का द्रव्यमान केंद्र किस पथ पर चलता है?
एक चिकने परवलय पर, क्योंकि केवल गुरुत्व बाहरी बल है। वस्तु जैसे भी कलाबाज़ी खाए, उसका द्रव्यमान केंद्र प्रक्षेप्य बिंदु द्रव्यमान की तरह चलता है।
इस विषय पर और पढ़ाई
एनिमेशन से अवधारणा साफ़ हुई, अब परीक्षा की तैयारी: सिलेबस, सुझाव, किताबें और प्रवेश परीक्षा गाइड नीचे हैं (अंग्रेज़ी में)।
HSC
HSC Physics: syllabus and preparation
Textbook
Class 9-10 Physics textbook
Admission
Engineering admission test preparation
SSC
SSC Physics: syllabus and preparation
Admission
Dhaka University science unit admission 2026-27
English
Composition: The Uses of Electricity
Bangla
প্রতিবেদন: বিজ্ঞান মেলা (बांग्ला में)
English
Paragraph: Science in Everyday Life
SSC
SSC suggestions
HSC
HSC suggestions
Admission
University admission guide
SSC
SSC syllabus
HSC
HSC syllabus
Study abroad
Study in Germany
Test prep
Digital SAT Math guide
Scholarship
Scholarships to study abroad
IELTS
IELTS vocabulary: science and research
Tool
GPA calculator
Career
Civil engineer resume example
भौतिकी के और एनिमेशन
कक्षा 10 · 12
प्रकाश का अपवर्तन
प्रकाश का अपवर्तन किसे कहते हैं, अपवर्तन के नियम, अपवर्तनांक, क्रांतिक कोण व पूर्ण आंतरिक परावर्तन — आसान भाषा में, इंटरैक्टिव एनिमेशन और हल उदाहरण सहित।
कक्षा 10 · 12
ओम का नियम
ओम का नियम क्या है, सूत्र V=IR, V-I ग्राफ और श्रेणी-पार्श्व क्रम — विभवांतर व प्रतिरोध बदलकर धारा देखें। कक्षा 10 व 12 के हल प्रश्न।
कक्षा 11 · JEE
प्रक्षेप्य गति
प्रक्षेप्य गति किसे कहते हैं? कोण व वेग बदलकर पथ देखें — उड्डयन काल, अधिकतम ऊँचाई, क्षैतिज परास के सूत्र व हल उदाहरण। कक्षा 11, JEE/NEET।
कक्षा 11
सरल लोलक
सरल लोलक किसे कहते हैं, आवर्तकाल का सूत्र T=2π√(l/g), सरल आवर्त गति — लंबाई बदलकर देखें। g ज्ञात करने के हल उदाहरण।
कक्षा 12
विद्युत क्षेत्र
विद्युत क्षेत्र किसे कहते हैं, तीव्रता का सूत्र व SI मात्रक, क्षेत्र रेखाओं के गुण — आवेश रखकर रेखाएँ देखें। कूलॉम के नियम के हल उदाहरण।
कक्षा 11 · 12
तरंगों का व्यतिकरण
अध्यारोपण का सिद्धांत, संपोषी व विनाशी व्यतिकरण की शर्तें, फ्रिंज चौड़ाई β=λD/d — दो स्रोत खिसकाकर देखें। कक्षा 11-12 के हल उदाहरण।
कक्षा 9 · 11
मुक्त पतन
मुक्त पतन किसे कहते हैं, मुक्त पतन का त्वरण और सूत्र क्या है: सिक्का और पंख गिराकर खुद देखें, हवा के साथ और बिना हवा के। हल किए गए उदाहरणों सहित।
कक्षा 10 · 12
लेंस द्वारा प्रतिबिंब
उत्तल लेंस और अवतल लेंस के किरण आरेख इंटरैक्टिव: बिंब खिसकाकर सभी छह स्थितियाँ देखें, लेंस सूत्र 1/v − 1/u = 1/f, आवर्धन और लेंस की क्षमता तुरंत पढ़ें।
कक्षा 9 · 11
न्यूटन के गति के नियम
न्यूटन के गति के तीनों नियम, जड़त्व, संवेग, F = ma, आवेग और क्रिया-प्रतिक्रिया: ट्रॉली धकेलकर खुद देखें, उदाहरण और हल किए गए प्रश्नों के साथ (कक्षा 9, 11)।
कक्षा 10 · 12
गोलीय दर्पण किरण आरेख
अवतल और उत्तल दर्पण द्वारा प्रतिबिंब बनना, ध्रुव, वक्रता केंद्र, मुख्य फोकस, दर्पण सूत्र 1/v + 1/u = 1/f और आवर्धन m = −v/u: बिंब खींचकर किरण आरेख ख़ुद देखें।
कक्षा 10 · 12
विद्युत चुंबकीय प्रेरण
विद्युत चुंबकीय प्रेरण किसे कहते हैं? चुंबक को कुंडली से गुज़ारो और सेंटर-ज़ीरो गैल्वेनोमीटर देखो। फैराडे का नियम e = −N dΦ/dt और लेंज़ का नियम हल किए गए उदाहरणों के साथ।
कक्षा 9 · 11
संवेग संरक्षण और संघट्ट
संवेग संरक्षण का नियम क्या है? दो गाड़ियों को टकराओ और प्रत्यावस्थान गुणांक e को 0 (चिपकना) से 1 (प्रत्यास्थ) तक बदलो। संवेग और गतिज ऊर्जा के बार-चार्ट लाइव देखो, हल किए गए उदाहरणों के साथ।
कक्षा 9 · 11
कार्य, ऊर्जा और शक्ति
कार्य किसे कहते हैं, गतिज व स्थितिज ऊर्जा और शक्ति के सूत्र क्या हैं: घुमावदार पथ पर लुढ़कती कार्ट की सिमुलेशन में ऊर्जा का रूपांतरण देखें, हल किए गए प्रश्नों के साथ।
कक्षा 11 · JEE
आनत तल
ढलान पर भार कैसे दो भागों में बँटता है, विराम कोण क्या है, घर्षण ब्लॉक को कब रोकता है और कब फिसलने देता है — कोण बदलकर बल-चित्र में स्वयं देखें, हल किए गए प्रश्नों के साथ।
कक्षा 9 · 11
एकसमान वृत्तीय गति
डोरी से बँधी गेंद घुमाकर कोणीय वेग, आवर्तकाल, a=v²/r और अभिकेंद्र बल F=mv²/r देखें। डोरी कटने पर गेंद कहाँ जाती है? बैंकिंग व हल किए उदाहरणों सहित।
कक्षा 9
अनुप्रस्थ और अनुदैर्घ्य तरंग
एक ही स्रोत से रस्सी की अनुप्रस्थ तरंग और स्प्रिंग या ध्वनि की अनुदैर्घ्य तरंग साथ-साथ देखें। शृंग, गर्त, संपीडन, विरलन, तरंगदैर्घ्य, v = fλ और कण तरंग के साथ क्यों नहीं चलते, हल सहित।
कक्षा 9 · 11
उत्तोलक और आघूर्ण
सी-सॉ पर भार खिसकाकर बल आघूर्ण M = F × d देखें। आघूर्णों का सिद्धांत, उत्तोलक के तीन वर्ग और यांत्रिक लाभ हल किए गए प्रश्नों के साथ सीखें।
कक्षा 11
कमानी-द्रव्यमान की सरल आवर्त गति
कमानी से लटके द्रव्यमान की सरल आवर्त गति खुद चलाकर देखें। हुक का नियम, T = 2π√(m/k), ऊर्जा रूपांतरण, श्रेणी व समानांतर कमानी, हल किए गए प्रश्न और CBSE अभ्यास।
कक्षा 11
सदिशों का योग: त्रिभुज और समांतर चतुर्भुज नियम
दो सदिशों का परिणामी, त्रिभुज और समांतर चतुर्भुज नियम, घटक, नदी में नाव और बारिश में छाते का आपेक्षिक वेग खुद करके देखें। हल किए प्रश्न और NCERT अभ्यास सहित।
कक्षा 11
सापेक्ष वेग: रेलगाड़ियाँ और नदी पार करना
दो रेलगाड़ियों और नदी पार करते तैराक को खुद चलाकर देखो। सापेक्ष चाल, रेलगाड़ी के पार होने का समय, कोण, बहाव, सबसे कम समय बनाम सबसे छोटा रास्ता, हल के साथ।
कक्षा 11
केपलर के नियम और दीर्घवृत्ताकार कक्षा
उत्केंद्रता स्लाइडर खींचकर कक्षा को लंबा होते देखो। बराबर समय में बराबर क्षेत्रफल के सेक्टर, आवर्तकाल का नियम T² ∝ a³ और पलायन वेग, हल के साथ।
कक्षा 11
न्यूटन का गुरुत्वाकर्षण नियम, g और उपग्रह
दो पिंडों का खिंचाव, व्युत्क्रम वर्ग ग्राफ़, पृथ्वी के ऊपर-नीचे g और उपग्रह की कक्षा खुद चलाकर देखें। कक्षीय चाल, आवर्तकाल, पलायन वेग और हल किए गए सवाल।
कक्षा 11
तार और नलियों में अप्रगामी तरंगें
सिमुलेशन में तार छेड़ें और खुली-बंद नलियों में फूँकें। निस्पंद, प्रस्पंद, हार्मोनिक देखें और जानें कि लंबाई, तनाव व तापमान सुर कैसे तय करते हैं, हल किए गए सवालों सहित।
कक्षा 11
अनुनाद नली और ध्वनि की चाल
अनुनाद नली में पानी का स्तर खिसकाकर तेज़ आवाज़ की जगहें खुद खोजें। L1 = λ/4 − e और L2 = 3λ/4 − e देखें, v = 2f(L2 − L1) से ध्वनि की चाल निकालें और हल किए गए सवाल करें।
कक्षा 11
विस्पंद: दो पास-पास के सुरों की धड़कन
लगभग बराबर आवृत्ति की दो तरंगें जोड़कर तीव्रता की धड़कन देखें। आवरण देखें, विस्पंद आवृत्ति |f₁ − f₂| पढ़ें, आवाज़ सुनें और गिटार को विस्पंद से मिलाना सीखें, हल किए गए सवालों के साथ।
कक्षा 11 · 12
डॉप्लर प्रभाव: चलता स्रोत, चलता श्रोता और सोनिक बूम
ध्वनि के स्रोत को तेज़-धीमा चलाइए और देखिए तरंगाग्र आगे कैसे सिकुड़ते और पीछे कैसे फैलते हैं। डॉप्लर सूत्र, एम्बुलेंस और ट्रेन के हल किए सवाल और सोनिक बूम सीखिए।
कक्षा 10 · 12
प्रिज़्म, प्रकाश का वर्ण-विक्षेपण और इंद्रधनुष
सफ़ेद प्रकाश को प्रिज़्म से गुज़ारिए, प्रिज़्म कोण और आपतन कोण बदलिए और स्पेक्ट्रम बनते देखिए। विचलन, न्यूनतम विचलन, विक्षेपण क्षमता और वर्षा की बूँद में इंद्रधनुष बनना हल किए सवालों के साथ सीखिए।
कक्षा 12
किरख़ोफ़ के नियम: संधि नियम और लूप नियम
दो बैटरियों और तीन प्रतिरोधों वाला दो-लूप परिपथ खुद बनाओ। संधि पर धारा को बँटते देखो, विभव के योग को शून्य बनते देखो और किरख़ोफ़ के नियमों के सवाल कदम-दर-कदम हल करना सीखो।
कक्षा 12
व्हीटस्टोन सेतु और मीटर सेतु
व्हीटस्टोन सेतु का संतुलन बिगाड़कर गैल्वेनोमीटर की सुई को हिलते देखो। P/Q = R/S होने पर सुई शून्य पर आती है। मीटर सेतु में जॉकी खिसकाकर अज्ञात प्रतिरोध मापो, हल किए उदाहरणों के साथ।
कक्षा 12
एकल झिरी से विवर्तन
झिरी की चौड़ाई और तरंगदैर्घ्य बदलकर देखें कि प्रकाश कैसे फैलता है। तीव्रता का सूत्र I = I₀(sin β/β)², निम्निष्ठ की शर्त a sin θ = mλ और केंद्रीय उच्चिष्ठ की चौड़ाई 2λD/a, हल सहित।
कक्षा 10 · 12
आँख के दोष और उनका निवारण
सामान्य, निकट-दृष्टि, दूर-दृष्टि और बढ़ती उम्र वाली आँख बदलकर देखें। प्रतिबिंब रेटिना के आगे या पीछे क्यों बनता है, और कौन-सा लेंस कितनी डायोप्टर से इसे ठीक करता है, सिमुलेशन में समझें।
कक्षा 12
प्रकाश का ध्रुवण: मैलस का नियम और ब्रूस्टर का नियम
ध्रुवक के पीछे विश्लेषक घुमाकर ग्राफ़ में I = I₀cos²θ देखें, फिर काँच पर प्रकाश डालकर ब्रूस्टर कोण खोजें। पोलरॉइड धूप का चश्मा, तीन फ़िल्टर की पहेली और हल किए सवालों के साथ।
कक्षा 12
संधारित्र का आवेशन और विसर्जन: RC समय स्थिरांक
प्रतिरोध के सहारे संधारित्र को आवेशित और विसर्जित करो। E, R और C बदलकर V = E(1 − e^(−t/RC)) और धारा का वक्र बनते देखो, 63% वाला समय स्थिरांक और संचित ऊर्जा निकालो।
कक्षा 10 · 12
चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ: छड़ चुंबक, धारावाही तार और परिनालिका
छड़ चुंबक, सीधे धारावाही तार और परिनालिका की चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ देखो। कंपास खींचो, धारा पलटो और B = μ₀I/2πr, B = μ₀nI व दाएँ हाथ का नियम सीखो।
कक्षा 12
एसी जनित्र
चुंबक के ध्रुवों के बीच कुंडली घुमाकर एसी जनित्र की साइन तरंग बनते देखिए। N, A, B और rpm बदलकर E₀ = NBAω और आरएमएस मान निकालिए, और जानिए मेन्स 50 Hz क्यों है।
कक्षा 10 · 12
ट्रांसफ़ॉर्मर
ट्रांसफ़ॉर्मर के प्राथमिक और द्वितीयक फेरे बदलकर देखिए वोल्टता कैसे बढ़ती-घटती है। Vs = Vp·Ns/Np, शक्ति संरक्षण, वास्तविक दक्षता और उच्च वोल्टता पर बिजली भेजने का कारण समझिए।
कक्षा 9 · 12
ऊष्मा का स्थानांतरण: चालन, संवहन और विकिरण
ताँबे, ऐलुमिनियम, काँच या लकड़ी की छड़ गरम करके Q/t = kAΔT/L देखें, बीकर में संवहन धाराओं को घूमते देखें, और T⁴ के अनुसार विकिरित शक्ति का बढ़ना जाँचें। सारणियों और हल किए सवालों के साथ।
कक्षा 12
प्रकाश-विद्युत प्रभाव: आइंस्टाइन का समीकरण और निरोधी विभव
निर्वात नली में सोडियम, जस्ते या ताँबे की पट्टिका पर किसी भी तरंगदैर्घ्य का प्रकाश डालें। देखें कि देहली आवृत्ति के नीचे इलेक्ट्रॉन क्यों नहीं निकलते, K = hf − φ निरोधी विभव कैसे तय करता है, और चमक सिर्फ़ धारा क्यों बदलती है।
कक्षा 10 · 12
मोटर प्रभाव: धारावाही तार पर बल और डीसी मोटर
चुंबकीय क्षेत्र में धारावाही तार रखने पर वह कैसे धक्का खाता है, खुद देखिए। B, I, L और कोण बदलिए, फ्लेमिंग के बाएँ हाथ के नियम की जाँच कीजिए, फिर विभक्त-वलय दिक्परिवर्तक वाली डीसी मोटर घुमाकर बल-आघूर्ण का ग्राफ़ देखिए।
कक्षा 11 · 12
गैस के अणु और अणुगति सिद्धांत: दाब, तापमान और चाल
डिब्बे में गैस के अणुओं की भागदौड़ देखिए। तापमान बढ़ाइए, गैस बदलिए, आयतन दबाइए और देखिए कि दीवारों पर टक्करों से मिला दाब PV = NkT से मेल खाता है। चाल की तुलना मैक्सवेल-बोल्ट्ज़मान वक्र से कीजिए और वर्ग-माध्य-मूल चाल निकालिए।
कक्षा 12
अर्धचालक डायोड: p–n संधि, I–V वक्र और दिष्टकारी
p–n संधि पर बायस लगाकर देखिए कि अवक्षय परत कैसे सिकुड़ती या फैलती है, आवेश वाहक कैसे पार होते हैं और शॉकली I–V वक्र कैसा बनता है। सिलिकन और जर्मेनियम की तुलना, भंजन और अर्धतरंग दिष्टकारी।
कक्षा 10 · 12
रेडियोधर्मी क्षय: अर्द्ध-आयु, क्षय का नियम और भेदन क्षमता
240 नाभिकों को अनियमित ढंग से क्षय होते देखो, गिनती को N = N₀e^(−λt) पर चलते पाओ, ग्राफ़ से अर्द्ध-आयु निकालो और परखो कि α, β, γ कागज़, एल्युमिनियम और सीसे में कितना घुस पाते हैं।
कक्षा 12
बोर परमाणु: कक्षाएँ, ऊर्जा स्तर और हाइड्रोजन स्पेक्ट्रम
हाइड्रोजन के इलेक्ट्रॉन को n = 1 से 6 कक्षाओं में कूदते देखो, 1/λ = R(1/n₁² − 1/n₂²) से फोटॉन का रंग निकालो, और ऊर्जा आरेख व स्पेक्ट्रम पट्टी पर लाइमन, बामर और पाशन श्रेणी समझो।
अन्य विषयों के एनिमेशन
रसायन विज्ञान
परमाणु की संरचना
रसायन विज्ञान
अम्ल, क्षारक और pH मान
रसायन विज्ञान
इलेक्ट्रॉनिक विन्यास
रसायन विज्ञान
गैस नियम: बॉयल, चार्ल्स, गे-लुसाक, आवोगाद्रो और PV = nRT
रसायन विज्ञान
आयनिक बंध कैसे बनता है
रसायन विज्ञान
वैद्युत अपघटन और फैराडे के नियम
रसायन विज्ञान
सहसंयोजक बंध
रसायन विज्ञान
आवर्त सारणी की आवर्तिता
रसायन विज्ञान
अभिक्रिया की दर और संघट्ट सिद्धांत
रसायन विज्ञान
द्रव्य की अवस्थाएँ: ठोस, द्रव, गैस और तापन वक्र
रसायन विज्ञान
परमाणु कक्षक: s, p, d के आकार, क्वांटम संख्याएँ और नोड
रसायन विज्ञान
आणविक आकृतियाँ और VSEPR सिद्धांत: आबंध युग्म, एकाकी युग्म और कोण
रसायन विज्ञान
मोल अवधारणा: मोलर द्रव्यमान, आवोगाद्रो संख्या और मोलर आयतन
रसायन विज्ञान
विसरण और निःस्राव: ग्राहम का नियम
रसायन विज्ञान
रासायनिक समीकरण संतुलन: विधि, उदाहरण और अभ्यास
रसायन विज्ञान
रासायनिक साम्य: साम्य स्थिरांक Kc और ले शातेलिए का सिद्धांत
रसायन विज्ञान
अनुमापन: ब्यूरेट और सूचक से अज्ञात सांद्रता निकालना
रसायन विज्ञान
गैल्वेनिक सेल: डेनियल सेल, EMF और नर्स्ट समीकरण
रसायन विज्ञान
ऑक्सीकरण-अपचयन अभिक्रियाएँ: ऑक्सीकरण संख्या, इलेक्ट्रॉन स्थानांतरण और अर्ध-अभिक्रिया
रसायन विज्ञान
हाइड्रोकार्बन: ऐल्केन, ऐल्कीन, ऐल्काइन और संरचनात्मक समावयवी 3D में
रसायन विज्ञान
प्रकार्यात्मक समूह: ऐल्कोहॉल, ऐल्डिहाइड, कीटोन, अम्ल, एस्टर और ऐमीन
रसायन विज्ञान
बहुलकीकरण: योगात्मक और संघनन बहुलक, पॉलिथीन और नायलॉन
रसायन विज्ञान
मिश्रण अलग करने की विधियाँ: निस्यंदन, आसवन, क्रोमैटोग्राफी, क्रिस्टलन
रसायन विज्ञान
क्रिस्टल जालक: SC, BCC और FCC एकक कोष्ठिका, संकुलन क्षमता और घनत्व
रसायन विज्ञान
रेडियोएक्टिवता: अल्फ़ा, बीटा, गामा क्षय और अर्ध-आयु
जीव विज्ञान
समसूत्री कोशिका विभाजन
जीव विज्ञान
विसरण और परासरण
जीव विज्ञान
प्रकाश संश्लेषण
जीव विज्ञान
मानव हृदय की संरचना और कार्य
जीव विज्ञान
मेंडल के आनुवंशिकता नियम
जीव विज्ञान
डीएनए प्रतिकृति
जीव विज्ञान
कोशिकीय श्वसन
जीव विज्ञान
एंजाइम क्रिया
जीव विज्ञान
तंत्रिका आवेग और एक्शन पोटेंशियल
जीव विज्ञान
नेफ्रॉन और मूत्र निर्माण की प्रक्रिया
जीव विज्ञान
अर्धसूत्री विभाजन (मियोसिस)
जीव विज्ञान
पाचन तंत्र
जीव विज्ञान
श्वसन क्रियाविधि: अंतःश्वसन और उच्छ्वसन
जीव विज्ञान
प्रोटीन संश्लेषण
जीव विज्ञान
रक्त परिसंचरण: दोहरा परिसंचरण और हृदय निर्गम
जीव विज्ञान
कोशिका की संरचना और कोशिकांग: पादप कोशिका बनाम जंतु कोशिका
जीव विज्ञान
प्रतिवर्ती क्रिया और प्रतिवर्ती चाप
जीव विज्ञान
मानव नेत्र: संरचना, प्रतिबिंब और समंजन
जीव विज्ञान
पेशी संकुचन और स्लाइडिंग-फ़िलामेंट मॉडल
जीव विज्ञान
पौधों में परिवहन: जाइलम, फ्लोएम और वाष्पोत्सर्जन
जीव विज्ञान
खाद्य श्रृंखला और खाद्य जाल: ऊर्जा प्रवाह और 10 % नियम
जीव विज्ञान
जनसंख्या वृद्धि: चरघातांकी और लॉजिस्टिक वक्र
जीव विज्ञान
प्राकृतिक चयन: पेप्पर्ड मॉथ और कालिख वाला पेड़
जीव विज्ञान
प्रतिरक्षा अनुक्रिया: प्राथमिक और द्वितीयक प्रतिपिंड अनुक्रिया
जीव विज्ञान
परागण और निषेचन
गणित
पाइथागोरस प्रमेय
गणित
त्रिकोणमितीय अनुपात और इकाई वृत्त
गणित
द्विघात समीकरण और द्विघात फलन का ग्राफ़
गणित
वृत्त के प्रमेय
गणित
ऊँचाई और दूरी: उन्नयन कोण और अवनमन कोण
गणित
प्रायिकता: प्रयोगसिद्ध बनाम सैद्धांतिक प्रायिकता
गणित
समांतर और गुणोत्तर श्रेढ़ी
गणित
माध्य, माध्यिका और बहुलक
गणित
समुच्चय और वेन आरेख
गणित
रैखिक समीकरण युग्म और सरल रेखा का आलेख
गणित
sin, cos, tan के आलेख
गणित
पूर्ण वर्ग बनाने की विधि और द्विघात समीकरण
गणित
वृत्त का क्षेत्रफल: सूत्र, उपपत्ति और हल किए प्रश्न
गणित
ठोस का आयतन और पृष्ठीय क्षेत्रफल: घन, घनाभ, बेलन, शंकु, गोला
गणित
समरूप त्रिभुज: स्केल गुणक, AA, SSS, SAS नियम और छाया से ऊँचाई
गणित
निर्देशांक ज्यामिति: दूरी, मध्य-बिंदु, ढाल, विभाजन सूत्र और बिंदुपथ
गणित
शांकव परिच्छेद: वृत्त, दीर्घवृत्त, परवलय और अतिपरवलय
गणित
फलनों का रूपांतरण: खिसकाना, खींचना और पलटना
गणित
अवकलज: स्पर्श रेखा की ढाल, छेदक से स्पर्श रेखा तक
गणित
रीमान योग और समाकलन: वक्र के नीचे का क्षेत्रफल
गणित
सीमा और ε–δ परिभाषा: चित्र में समझिए
गणित
त्रिविमीय सदिश: योग, डॉट गुणन और क्रॉस गुणन
गणित
आव्यूह रूपांतरण: घूर्णन, परावर्तन, अपरूपण और सारणिक
गणित
सम्मिश्र संख्याएँ: आर्गंड तल पर योग, गुणन, घात और मूल
गणित






















