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घूमती गेंद को वृत्त में रखने वाला बल

जब कोई वस्तु नियत चाल से वृत्ताकार पथ पर घूमती है तो उसकी गति को एकसमान वृत्तीय गति कहते हैं। चाल नहीं बदलती, पर वेग की दिशा हर क्षण बदलती है, इसलिए केंद्र की ओर a = v²/r त्वरण रहता है और उसके लिए अभिकेंद्र बल F = mv²/r चाहिए। नीचे डोरी काटकर स्वयं देखें कि गेंद किधर जाती है।

ऊपर से दृश्य: घर्षणरहित मेज़ पर डोरी से बँधी गेंद घूम रही है

वेग (स्पर्श रेखा)अभिकेंद्र बलवृत्तीय पथ
गति

नियंत्रण

दृश्य

1.00 m
3.0 m/s
0.5 kg

मापन

चाल, v
3.00m/s
कोणीय वेग, ω
3.00rad/s
आवर्तकाल, T
2.09s
आवृत्ति, f
0.477Hz
अभिकेंद्र त्वरण, a = v²/r
9.00m/s²
अभिकेंद्र बल, F = mv²/r
4.50N

सिमुलेशन का उपयोग कैसे करें

  1. "डोरी से बँधी गेंद" दृश्य में त्रिज्या और चाल बदलें और लाल तीर (अभिकेंद्र बल) तथा नारंगी तीर (वेग) देखें।
  2. चाल दोगुनी करें और मापन पैनल में देखें कि बल कितना गुना हो गया।
  3. "डोरी काट दें" चालू करें: गेंद बाहर की ओर नहीं, स्पर्श रेखा के अनुदिश सीधी जाएगी।
  4. "ढालू मोड़" दृश्य में ढाल कोण को आदर्श मान तक ले जाएँ; तब आवश्यक घर्षण शून्य हो जाएगा।

मेले का झूला और घूमता पत्थर

क्या आप कभी मेले के गोल झूले पर बैठे हैं? घूमते समय लगता है जैसे कोई बाहर की ओर खींच रहा है और शरीर दीवार से सट जाता है। या फिर बस तेज़ मोड़ काटे तो आप बगल वाले यात्री पर जा गिरते हैं। दोनों अनुभवों के पीछे एक ही कहानी है।

बचपन में हममें से कई लोगों ने डोरी के सिरे पर पत्थर बाँधकर सिर के ऊपर घुमाया है। अब बताइए, अगर डोरी टूट जाए तो पत्थर किधर जाएगा? बहुत से लोग सोचते हैं कि बाहर की ओर छिटकेगा। असल में वह उसी क्षण की गति की दिशा में, यानी वृत्त की स्पर्श रेखा के अनुदिश सीधा निकल जाता है। इस अध्याय की सबसे बड़ी भ्रांति यही है और सिमुलेशन में आप इसे अपनी आँखों से टूटते देखेंगे।

छत का पंखा, पहिए, ग्रह, रेस ट्रैक के मोड़, वॉशिंग मशीन का ड्रम: सबके पीछे एक ही विचार है। कुछ है जो हर क्षण वस्तु को उसके सीधे रास्ते से हटाकर वृत्त के भीतर की ओर खींच रहा है। उस खिंचाव को हम अभिकेंद्र बल कहते हैं।

शून्य से शुरुआत: वस्तु सीधी क्यों नहीं जाती?

न्यूटन का पहला नियम कहता है कि कोई परिणामी बल न हो तो वस्तु सीधी रेखा में एकसमान वेग से चलती है। इसलिए किसी वस्तु को मुड़ना हो तो कोई उसे बगल से धकेल या खींच रहा होगा। डोरी से बँधी गेंद में यह काम तनाव करता है, सड़क के मोड़ पर टायर का घर्षण करता है, और ग्रह के लिए गुरुत्वाकर्षण।

अब "एकसमान चाल" शब्द पर ध्यान दें। इसका अर्थ है कि चाल, यानी स्पीडोमीटर की संख्या, वही रहती है। पर वेग एक सदिश है जिसमें परिमाण और दिशा दोनों होते हैं। दिशा बदले तो वेग बदलता है। वेग बदले तो त्वरण होता है। इसलिए नियत चाल पर भी वस्तु त्वरित है, और यह त्वरण गति की दिशा से समकोण पर होता है।

गति से समकोण पर लगा त्वरण चाल को न बढ़ा सकता है न घटा सकता है; वह केवल दिशा मोड़ता है। इसीलिए अभिकेंद्र बल कोई कार्य नहीं करता (बल और विस्थापन सदा लंबवत हैं) और डोरी पर गेंद घुमाने से उसकी ऊर्जा नहीं बढ़ती।

एक छोटा प्रयोग: एक चाबी को डोरी से बाँधकर क्षैतिज तल में घुमाइए। आपका हाथ डोरी को भीतर की ओर थामे है और डोरी चाबी को। उँगली पर खिंचाव महसूस होगा। तेज़ घुमाने पर खिंचाव बढ़ता है; उसी चाल पर डोरी छोटी करने पर भी बढ़ता है। आगे के सूत्र ठीक यही बताते हैं।

वे शब्द जो आपको आने चाहिए

वृत्तीय गति के हर प्रश्न में नीचे के शब्द आते हैं। हर एक का सरल अर्थ और एक जाना-पहचाना उदाहरण दिया गया है।

राशिसरल अर्थजाना-पहचाना उदाहरण
वृत्तीय गतिवृत्ताकार पथ पर चलनाघड़ी की सुई का सिरा, झूले की सीट
त्रिज्या सदिशकेंद्र से वस्तु तक खींचा गया सदिश; यह वस्तु के साथ घूमता हैहाथ से गेंद तक डोरी के अनुदिश तीर
कोणीय वेग (ω)त्रिज्या सदिश प्रति सेकंड जितने रेडियन घूमता है; मात्रक rad/sपंखे की पंखुड़ी कितनी तेज़ घूम रही है
आवर्तकाल (T)एक पूरे चक्कर में लगा समय, सेकंड मेंमिनट की सुई का T = 3600 s
आवृत्ति (f)प्रति सेकंड चक्करों की संख्या; f = 1/T, मात्रक हर्ट्ज़पंखा प्रति सेकंड कितनी बार घूमता है
रैखिक चाल (v)स्पर्श रेखा के अनुदिश चाल; v = rωडोरी टूटने पर गेंद की चाल
अभिकेंद्र त्वरणकेंद्र की ओर त्वरण, परिमाण v²/rमोड़ पर घूमती कार का त्वरण
अभिकेंद्र बलकेंद्र की ओर लगने वाला परिणामी बल, परिमाण mv²/rतनाव, घर्षण या गुरुत्वाकर्षण

कोणीय वेग, आवर्तकाल और रैखिक चाल

मान लीजिए गेंद एक पूरा चक्कर T सेकंड में लगाती है। एक चक्कर में 2π रेडियन का कोण कटता है और 2πr लंबा पथ तय होता है। कोण गिनें तो कोणीय वेग मिलता है, पथ गिनें तो रैखिक चाल। दोनों का संबंध v = rω है।

ω = 2π/T = 2πfकोणीय वेग

T = 2πr/vआवर्तकाल

f = 1/Tआवृत्ति

v = rωरैखिक चाल और कोणीय वेग का संबंध

एक ही रिकॉर्ड के दो बिंदु

घूमते रिकॉर्ड के किनारे के पास एक बिंदु और बीच के पास एक बिंदु लीजिए। दोनों एक ही समय में एक चक्कर लगाते हैं, इसलिए T, f और ω दोनों के समान हैं। पर बाहरी बिंदु को उसी समय में बड़ा वृत्त पार करना पड़ता है, इसलिए उसकी रैखिक चाल v = rω अधिक है।

इसीलिए पूरी वस्तु के घूमने की तेज़ी बताने के लिए कोणीय वेग स्वाभाविक राशि है: वह हर बिंदु के लिए समान है, जबकि रैखिक चाल अक्ष से दूरी पर निर्भर करती है।

डिग्री नहीं, रेडियन

v = rω तभी सही है जब ω रेडियन प्रति सेकंड में हो। पूरा वृत्त 360° = 2π रेडियन है। यदि चक्कर प्रति मिनट (rpm) दिए हों तो 2π से गुणा करके 60 से भाग दें। उदाहरण: 120 rpm यानी प्रति सेकंड 2 चक्कर, f = 2 Hz और ω = 4π rad/s।

अभिकेंद्र त्वरण और अभिकेंद्र बल

अब मुख्य परिणाम। अभिकेंद्र त्वरण चाल के वर्ग के अनुक्रमानुपाती और त्रिज्या के व्युत्क्रमानुपाती है। बल न्यूटन के दूसरे नियम F = ma से आता है। ध्यान दें कि चाल दोगुनी करने पर बल चार गुना हो जाता है, जिसे आप सिमुलेशन में जाँच सकते हैं।

a = v²/r = ω²rअभिकेंद्र त्वरण

F = ma = mv²/r = mω²rअभिकेंद्र बल

सूत्र कहाँ से आया (चित्र से तर्क)

छोटे समय Δt में गेंद Δφ = ωΔt कोण घूमती है। वेग का तीर भी उतना ही घूमता है पर उसकी लंबाई v ही रहती है। आरंभिक और अंतिम वेग मिलकर एक समद्विबाहु त्रिभुज बनाते हैं जिसका आधार वेग का परिवर्तन Δv है। छोटे कोण के लिए आधार ≈ v·Δφ है और वह भीतर की ओर, यानी केंद्र की ओर है।

त्वरण = वेग परिवर्तन ÷ समय = vΔφ/Δt = vω। ω = v/r रखने पर a = v²/r मिलता है; v = rω रखें तो a = ω²r। दोनों एक ही बात हैं।

|Δv| ≈ vΔφ ⇒ a = vω = v²/r

सूत्र से तीन सबक

चाल दोगुनी तो बल चार गुना: m = 0.5 kg, r = 1 m और v = 3 m/s पर बल 4.5 N है; दोगुनी चाल पर यह 18.0 N हो जाता है।

उसी चाल पर त्रिज्या दोगुनी करें तो बल आधा हो जाता है: 4.5 N से 2.25 N।

द्रव्यमान दोगुना करें तो बल दोगुना होता है, पर त्वरण वही रहता है, क्योंकि त्वरण के सूत्र में द्रव्यमान है ही नहीं।

डोरी कटने पर क्या होता है: सबसे बड़ी भ्रांति

यह वही प्रसिद्ध प्रश्न है। घूमती गेंद की डोरी काट दें तो गेंद किस ओर जाती है? सिमुलेशन में "डोरी काट दें" चालू करके स्वयं देखें। गेंद वृत्त की स्पर्श रेखा के अनुदिश सीधी, उसी चाल से निकल जाती है।

कारण सीधा है। अभिकेंद्र बल डोरी का तनाव था। डोरी कटते ही वह बल शून्य हो जाता है। शून्य बल पर पहला नियम कहता है कि वस्तु अपने वेग से सीधी रेखा में चलती रहेगी। उसका वेग स्पर्श रेखा के अनुदिश था, इसलिए वह स्पर्श रेखा पर ही चलेगी। बाहर धकेलने वाला कोई बल था ही नहीं।

संख्याओं से जाँचें: 2 s बाद गेंद स्पर्श रेखा पर 6 m आगे जा चुकी है और केंद्र से उसकी दूरी √(1² + 6²) = 6.08 m है। वह वृत्त से दूर गई, पर सीधी रेखा में, मुड़कर नहीं।

तो झूले पर "बाहर फेंके जाने" जैसा क्यों लगता है? यह आपकी जड़ता है। कार मुड़ती है तो आपका शरीर सीधा जाना चाहता है और दरवाज़ा आपको भीतर की ओर धकेलता है। आप दरवाज़े का धक्का महसूस करते हैं, और लगता है जैसे कुछ बाहर खींच रहा है। कई पुस्तकें इसे अपकेंद्र या छद्म बल कहती हैं। घूमते निकाय के भीतर से गणना में यह काम आता है, पर ज़मीन पर खड़े प्रेक्षक के लिए केवल अभिकेंद्र बल है।

अभिकेंद्र बल कोई अलग बल नहीं है

विद्यार्थी अक्सर मुक्त-पिंड आरेख में "अभिकेंद्र बल" नाम का अलग तीर खींच देते हैं। यह गलती है। अभिकेंद्र बल कोई नई किस्म का बल नहीं; यह एक भूमिका का नाम है। जो भी बल मिलकर केंद्र की ओर परिणामी बल बनाते हैं, उनके योग को हम अभिकेंद्र बल कहते हैं।

डोरी से बँधी गेंद में यह भूमिका तनाव निभाता है। समतल सड़क के मोड़ पर टायर का घर्षण। ढालू मोड़ पर अभिलंब प्रतिक्रिया का क्षैतिज घटक। चंद्रमा के लिए पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण। इसलिए चित्र में असली बल खींचें, फिर कहें कि उनका योग केंद्र की ओर है।

सड़क की बैंकिंग

समतल मोड़ पर कार को वृत्त में रखने का काम केवल घर्षण करता है। बारिश में घर्षण घट जाता है और कार बाहर फिसल जाती है। इसलिए मोड़ पर सड़क का बाहरी किनारा ऊँचा कर दिया जाता है, जिसे बैंकिंग कहते हैं। सड़क झुकी होने से अभिलंब प्रतिक्रिया N थोड़ी भीतर की ओर झुक जाती है और उसका क्षैतिज घटक कार को केंद्र की ओर धकेलता है।

घर्षण न हो तो ऊर्ध्वाधर और क्षैतिज समीकरण लिखें: N·cosθ = mg और N·sinθ = mv²/r। भाग देने पर tanθ = v²/(rg)। 50 m त्रिज्या के मोड़ पर 15 m/s की चाल के लिए आदर्श कोण 24.7° है। इस कोण पर कार को घर्षण की ज़रूरत ही नहीं पड़ती, बर्फ़ पर भी नहीं।

N cosθ = mgऊर्ध्वाधर संतुलन

N sinθ = mv²/rक्षैतिज, केंद्र की ओर

tanθ = v²/(rg)आदर्श बैंकिंग कोण

v = √(rg·tanθ)दिए गए कोण पर सुरक्षित चाल

जब कोण आदर्श न हो

कार आदर्श चाल से तेज़ चले तो केंद्र की ओर थोड़ा और बल चाहिए, तब घर्षण ढाल के नीचे की ओर लगकर मदद करता है। धीमी चले तो घर्षण ढाल के ऊपर की ओर लगता है ताकि कार नीचे न सरके। सिमुलेशन में हरा तीर यही घर्षण है। मापन में "घर्षण" धनात्मक हो तो वह केंद्र की ओर है, ऋणात्मक हो तो उल्टी दिशा में।

कार का द्रव्यमान बदलने पर आदर्श कोण नहीं बदलता: m दोनों समीकरणों में कट जाता है। स्लाइडर से जाँच लें।

सिमुलेशन में खुद आज़माएँ

सूत्र पढ़ना और उसे काम करते देखना दो अलग बातें हैं। हर प्रयोग से पहले बोलकर अनुमान लगाएँ, तब स्लाइडर हिलाएँ।

  • r = 1 m रखकर v को 1 से 6 m/s करें: अभिकेंद्र बल कितना गुना हुआ? (छह गुनी चाल पर छत्तीस गुना होना चाहिए।)
  • v = 3 m/s रखकर r को 0.5 m से 2 m करें: ω और बल का क्या होता है?
  • द्रव्यमान 0.1 से 2 kg करें: क्या त्वरण बदलता है? क्या बल बदलता है?
  • किसी भी क्षण डोरी काटें और गेंद का पथ नारंगी तीर से मिलाएँ।
  • फिर से शुरू दबाएँ, त्रिज्या बहुत छोटी और चाल अधिक रखें: बल कितना बड़ा हो जाता है? क्या असली डोरी इतना सह पाती?
  • "ढालू मोड़" में v = 15 m/s, r = 50 m रखकर कोण को आदर्श तक लाएँ: घर्षण का मापन क्या दिखाता है?
  • कोण 0° कर दें: अब पूरा अभिकेंद्र बल घर्षण को ही देना पड़ता है।

चरण-दर-चरण हल किए गए अंकगणितीय प्रश्न

हर प्रश्न में पहले ज्ञात राशियाँ लिखें, SI मात्रक में बदलें, फिर सूत्र में रखें। जब तक अन्यथा न कहा जाए, g = 9.8 m/s²।

प्रश्न 1: सिमुलेशन की डिफ़ॉल्ट गेंद

0.5 kg की गेंद 1 m त्रिज्या के वृत्त पर 3 m/s की चाल से घूम रही है। कोणीय वेग ω = v/r = 3/1 = 3.00 rad/s। आवर्तकाल T = 2π/ω = 2.094 s और आवृत्ति f = 1/T = 0.477 Hz।

अभिकेंद्र त्वरण a = v²/r = 3²/1 = 9.0 m/s²। अभिकेंद्र बल F = ma = 0.5 × 9.0 = 4.5 N। मापन पैनल भी यही संख्याएँ दिखाता है।

प्रश्न 2: टर्नटेबल

एक चकती 120 rpm पर घूम रही है। उसके किनारे का बिंदु केंद्र से 15 cm दूर है। ω = 120 × 2π/60 = 12.57 rad/s। रैखिक चाल v = rω = 1.88 m/s। अभिकेंद्र त्वरण a = ω²r = 23.7 m/s²।

प्रश्न 3: डोरी पत्थर को अधिकतम कितनी तेज़ घुमा सकती है

एक डोरी अधिकतम 20 N का तनाव सह सकती है। उससे 0.4 kg का पत्थर 0.8 m त्रिज्या के क्षैतिज वृत्त में घुमाया जाता है। तनाव ही अभिकेंद्र बल है, इसलिए T_max = mv²/r से v_max = √(T_max·r/m) = √(20 × 0.8/0.4) = 6.32 m/s, और ω = 7.91 rad/s। इससे तेज़ घुमाएँगे तो डोरी टूटेगी और पत्थर स्पर्श रेखा पर निकल जाएगा।

प्रश्न 4: समतल मोड़ पर सुरक्षित चाल

समतल सड़क के मोड़ की त्रिज्या 50 m है और टायर व सड़क के बीच घर्षण गुणांक μ = 0.4 है। घर्षण f = μmg अभिकेंद्र बल देता है: μmg = mv²/r। द्रव्यमान कट जाता है, इसलिए v_max = √(μrg) = √(0.4 × 50 × 9.8) = 14.0 m/s, लगभग 50 km/h। भारी ट्रक और हल्की कार की सीमा एक ही है।

प्रश्न 5: बैंकिंग कोण और अभिलंब प्रतिक्रिया

50 m त्रिज्या के मोड़ पर 15 m/s की चाल के लिए घर्षणरहित आदर्श कोण θ = tan⁻¹(v²/rg) = tan⁻¹(4.5/9.8) = 24.7° है। 1,000 kg की कार के लिए अभिकेंद्र बल 4,500 N और N = m√(g² + a²) = 10,784 N है, जो भार mg से अधिक है।

प्रश्न 6: वही मोड़, पर ढाल केवल 15°

मान लें बैंकिंग केवल 15° है और चाल अब भी 15 m/s। यह आदर्श कोण से कम है। अभी भी आवश्यक घर्षण f = m(a·cosθ − g·sinθ) = 1,810 N है, केंद्र की ओर। घर्षण न हो तो कार बाहर फिसलेगी। इस कोण पर घर्षणरहित सुरक्षित चाल v = √(rg·tanθ) = 11.5 m/s, लगभग 41 km/h है।

प्रश्न 7: चंद्रमा का अभिकेंद्र त्वरण

पाठ्यपुस्तक के मान लें: चंद्रमा पृथ्वी से 3,84,000 km दूर है और 27.3 दिन में एक चक्कर लगाता है। v = 2πr/T = 1,023 m/s। अभिकेंद्र त्वरण a = v²/r = 2.72 mm/s², जो पृथ्वी की सतह पर g का लगभग 1/3,597 है। न्यूटन ने इसी से समझा कि जो खिंचाव सेब को गिराता है वही चंद्रमा को घुमाता है, बस दूरी के कारण कमज़ोर होकर।

चाल, त्रिज्या और बल की तुलना

इस तालिका की हर संख्या गणना से निकली है (द्रव्यमान 0.5 kg)। ध्यान दें कि समान त्रिज्या पर चाल 1 से 2 होने पर बल 4 गुना और 6 होने पर 36 गुना हो जाता है।

r (m)v (m/s)ω (rad/s)T (s)a (m/s²)F (N)
1.011.006.281.00.50
1.022.003.144.02.00
1.033.002.099.04.50
1.066.001.0536.018.00
0.536.001.0518.09.00
2.031.504.194.52.25

कितनी चाल पर कितना ढाल

50 m और 100 m त्रिज्या के मोड़ों के लिए अलग-अलग चाल पर घर्षणरहित आदर्श बैंकिंग कोण नीचे हैं। तेज़ यातायात को अधिक ढाल चाहिए, और बड़े मोड़ को कम।

चाल (km/h)v (m/s)a (m/s²), r = 50 mआदर्श θ, r = 50 mआदर्श θ, r = 100 m
3610.02.0011.5°5.8°
5415.04.5024.7°12.9°
7220.08.0039.2°22.2°
9025.012.5051.9°32.5°

वे गलतियाँ जो सब करते हैं

उत्तर-पुस्तिकाओं और कक्षा में ये चूकें बार-बार दिखती हैं।

  • "डोरी कटने पर गेंद बाहर छिटकती है": नहीं, वह स्पर्श रेखा पर सीधी जाती है।
  • "नियत चाल पर त्वरण शून्य होता है": नहीं, दिशा बदलती है इसलिए केंद्र की ओर v²/r त्वरण है।
  • "अभिकेंद्र बल एक अतिरिक्त बल है": नहीं, यह तनाव, घर्षण या गुरुत्वाकर्षण जैसे असली बलों का परिणामी है।
  • ω को डिग्री प्रति सेकंड में रखना: v = rω के लिए रेडियन चाहिए।
  • चाल दोगुनी होने पर बल दोगुना मानना: v² के कारण बल चार गुना होता है।
  • अभिकेंद्र बल को कार्य करने वाला मानना: वह गति के लंबवत है, इसलिए कार्य शून्य है।
  • बैंकिंग कोण को कार के द्रव्यमान पर निर्भर मानना: ऐसा नहीं है।

रोज़मर्रा की ज़िंदगी में वृत्तीय गति

वॉशिंग मशीन का स्पिन ड्रायर: ड्रम तेज़ घूमता है। कपड़े ड्रम की दीवार में रुक जाते हैं, पर पानी की बूँदें छेदों से स्पर्श रेखा पर निकल जाती हैं। यह डोरी काटने वाले प्रयोग का बड़ा रूप है।

साइकिल और मोटरसाइकिल: मोड़ पर सवार भीतर की ओर झुकता है ताकि ज़मीन की प्रतिक्रिया और भार मिलकर अभिकेंद्र बल दें। तेज़ चाल पर अधिक झुकना पड़ता है, जैसा tanθ = v²/rg बताता है।

उपग्रह और चंद्रमा: गुरुत्वाकर्षण ही अभिकेंद्र बल है। उपग्रह लगातार पृथ्वी की ओर गिरता रहता है, पर उसकी पार्श्व चाल इतनी अधिक है कि पृथ्वी की वक्रता उसके नीचे से हटती जाती है।

अपकेंद्रित्र (सेंट्रीफ्यूज): नमूना नलियाँ तेज़ घुमाई जाती हैं। दीवारें अभिकेंद्र बल देती हैं और भारी कण नली के तल में बैठ जाते हैं।

रोलर कोस्टर और लूप: सीट आपको लूप के केंद्र की ओर धकेलती है, इसीलिए आप गिरते नहीं। जो अतिरिक्त भार लगता है वह सीट का दबाव है।

रेल पटरी और रेस ट्रैक: मोड़ पर बाहरी पटरी या किनारा ऊँचा रखा जाता है, जिससे पहियों और टायरों पर पार्श्व भार घटता है।

परीक्षा की तैयारी: प्रश्न किस तरह आते हैं

CBSE और NCERT आधारित परीक्षाओं में वृत्तीय गति से परिभाषाएँ, व्युत्पत्तियाँ (अभिकेंद्र त्वरण, बैंकिंग कोण), संख्यात्मक प्रश्न और "कारण बताइए" वाले प्रश्न आते हैं। हर प्रकार के नमूने और संक्षिप्त उत्तर नीचे हैं।

परिभाषाएँ

प्र: अभिकेंद्र बल की परिभाषा दीजिए। उ: वृत्तीय गति करती वस्तु पर वृत्त के केंद्र की ओर लगने वाला वह परिणामी बल जो उसे उसी पथ पर बनाए रखता है, अभिकेंद्र बल कहलाता है।

प्र: कोणीय वेग की परिभाषा दीजिए। उ: त्रिज्या सदिश द्वारा प्रति इकाई समय में घूमा गया कोण; मात्रक rad/s।

कारण बताइए

प्र: एकसमान वृत्तीय गति त्वरित गति क्यों है? उ: चाल नियत है, पर वेग की दिशा हर क्षण बदलती है, इसलिए केंद्र की ओर त्वरण है।

प्र: अभिकेंद्र बल कार्य क्यों नहीं करता? उ: वह सदा विस्थापन के लंबवत होता है, अतः W = Fs·cos90° = 0।

संख्यात्मक और तर्क प्रश्न

संख्यात्मक: 0.5 kg की वस्तु 1 m त्रिज्या के वृत्त में 3 m/s से घूमे तो अभिकेंद्र बल ज्ञात कीजिए। F = mv²/r = 4.5 N।

तर्क: "एक कार 50 m त्रिज्या के मोड़ पर 15 m/s से चलती है। घर्षण की ज़रूरत हटाने के लिए ढाल कितना हो और अधिक चाल पर क्या होगा?" आदर्श कोण 24.7° है; अधिक चाल पर घर्षण ढाल के नीचे की ओर, यानी केंद्र की ओर लगेगा।

एक नज़र में दोहराव

परीक्षा से पहली रात यह सूची काफ़ी है।

  • एकसमान वृत्तीय गति: चाल नियत, वेग नहीं; त्वरण केंद्र की ओर।
  • ω = 2π/T = 2πf और v = rω।
  • a = v²/r = ω²r, केंद्र की ओर।
  • F = mv²/r = mω²r; F ∝ v², F ∝ 1/r, F ∝ m।
  • अभिकेंद्र बल असली बलों का परिणामी है, अलग बल नहीं; कार्य नहीं करता।
  • डोरी कटने पर वस्तु स्पर्श रेखा पर जाती है, बाहर की ओर नहीं।
  • घर्षणरहित बैंकिंग: tanθ = v²/(rg), द्रव्यमान से स्वतंत्र।
  • समतल मोड़ पर सुरक्षित चाल: v = √(μrg)।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अभिकेंद्र बल किसे कहते हैं?

वृत्ताकार पथ पर चल रही वस्तु पर वृत्त के केंद्र की ओर लगने वाला वह परिणामी बल, जो उसे उस पथ पर बनाए रखता है, अभिकेंद्र बल कहलाता है। इसका परिमाण F = mv²/r = mω²r है। यह कोई अलग बल नहीं; तनाव, घर्षण या गुरुत्वाकर्षण यह भूमिका निभाते हैं।

एकसमान वृत्तीय गति में त्वरण क्यों होता है?

त्वरण वेग में परिवर्तन की दर है और वेग एक सदिश है। चाल नियत रहती है, पर दिशा लगातार बदलती है। यह परिवर्तन केंद्र की ओर होता है, इसलिए त्वरण का परिमाण v²/r और दिशा केंद्र की ओर होती है।

डोरी कटने पर गेंद किस दिशा में जाती है?

गेंद छोड़े जाने के बिंदु पर वृत्त की स्पर्श रेखा के अनुदिश सीधी जाती है, बाहर की ओर नहीं। अभिकेंद्र बल डोरी का तनाव था; वह हटते ही परिणामी बल शून्य हो जाता है और न्यूटन के पहले नियम से वस्तु अंतिम वेग से चलती रहती है।

कोणीय वेग और रैखिक चाल का संबंध क्या है?

संबंध v = rω है, जहाँ ω रेडियन प्रति सेकंड में है। घूमती वस्तु के सभी बिंदुओं का ω समान होता है, पर अक्ष से जितनी अधिक दूरी, रैखिक चाल उतनी अधिक।

क्या अभिकेंद्र बल कार्य करता है?

नहीं। बल सदा वेग के लंबवत होता है, इसलिए विस्थापन की दिशा में उसका कोई घटक नहीं होता और W = F·s·cos90° = 0। इसी कारण चाल और गतिज ऊर्जा नियत रहती हैं।

बैंकिंग कोण का सूत्र क्या है?

घर्षणरहित मोड़ के लिए tanθ = v²/(rg)। r = 50 m और v = 15 m/s पर θ = 24.7° आता है। कोण वाहन के द्रव्यमान पर निर्भर नहीं करता।

समतल मोड़ पर अधिकतम सुरक्षित चाल कितनी होती है?

घर्षण गुणांक μ हो तो v_max = √(μrg)। μ = 0.4, r = 50 m और g = 9.8 m/s² पर v_max = 14.0 m/s, यानी लगभग 50 km/h। इससे तेज़ चलने पर कार फिसलकर बाहर चली जाती है।

क्या अपकेंद्र बल वास्तविक है?

अपकेंद्र बल एक छद्म बल है, जो घूमते निकाय में बैठे प्रेक्षक को जड़ता के कारण महसूस होता है। ज़मीन पर खड़े प्रेक्षक के लिए कोई बाहरी बल नहीं होता; वस्तु पर केवल भीतर की ओर अभिकेंद्र बल लगता है।

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कक्षा 10 · 12

लेंस द्वारा प्रतिबिंब

उत्तल लेंस और अवतल लेंस के किरण आरेख इंटरैक्टिव: बिंब खिसकाकर सभी छह स्थितियाँ देखें, लेंस सूत्र 1/v − 1/u = 1/f, आवर्धन और लेंस की क्षमता तुरंत पढ़ें।

कक्षा 9 · 11

न्यूटन के गति के नियम

न्यूटन के गति के तीनों नियम, जड़त्व, संवेग, F = ma, आवेग और क्रिया-प्रतिक्रिया: ट्रॉली धकेलकर खुद देखें, उदाहरण और हल किए गए प्रश्नों के साथ (कक्षा 9, 11)।

कक्षा 10 · 12

गोलीय दर्पण किरण आरेख

अवतल और उत्तल दर्पण द्वारा प्रतिबिंब बनना, ध्रुव, वक्रता केंद्र, मुख्य फोकस, दर्पण सूत्र 1/v + 1/u = 1/f और आवर्धन m = −v/u: बिंब खींचकर किरण आरेख ख़ुद देखें।

कक्षा 10 · 12

विद्युत चुंबकीय प्रेरण

विद्युत चुंबकीय प्रेरण किसे कहते हैं? चुंबक को कुंडली से गुज़ारो और सेंटर-ज़ीरो गैल्वेनोमीटर देखो। फैराडे का नियम e = −N dΦ/dt और लेंज़ का नियम हल किए गए उदाहरणों के साथ।

कक्षा 9 · 11

संवेग संरक्षण और संघट्ट

संवेग संरक्षण का नियम क्या है? दो गाड़ियों को टकराओ और प्रत्यावस्थान गुणांक e को 0 (चिपकना) से 1 (प्रत्यास्थ) तक बदलो। संवेग और गतिज ऊर्जा के बार-चार्ट लाइव देखो, हल किए गए उदाहरणों के साथ।

कक्षा 9 · 11

कार्य, ऊर्जा और शक्ति

कार्य किसे कहते हैं, गतिज व स्थितिज ऊर्जा और शक्ति के सूत्र क्या हैं: घुमावदार पथ पर लुढ़कती कार्ट की सिमुलेशन में ऊर्जा का रूपांतरण देखें, हल किए गए प्रश्नों के साथ।

कक्षा 11 · JEE

आनत तल

ढलान पर भार कैसे दो भागों में बँटता है, विराम कोण क्या है, घर्षण ब्लॉक को कब रोकता है और कब फिसलने देता है — कोण बदलकर बल-चित्र में स्वयं देखें, हल किए गए प्रश्नों के साथ।

कक्षा 9

अनुप्रस्थ और अनुदैर्घ्य तरंग

एक ही स्रोत से रस्सी की अनुप्रस्थ तरंग और स्प्रिंग या ध्वनि की अनुदैर्घ्य तरंग साथ-साथ देखें। शृंग, गर्त, संपीडन, विरलन, तरंगदैर्घ्य, v = fλ और कण तरंग के साथ क्यों नहीं चलते, हल सहित।

कक्षा 9 · 11

उत्तोलक और आघूर्ण

सी-सॉ पर भार खिसकाकर बल आघूर्ण M = F × d देखें। आघूर्णों का सिद्धांत, उत्तोलक के तीन वर्ग और यांत्रिक लाभ हल किए गए प्रश्नों के साथ सीखें।

कक्षा 11

द्रव्यमान केंद्र

छड़ और पट्टिका पर द्रव्यमान खिसकाकर द्रव्यमान केंद्र x = Σmx/Σm देखें। आधार कहाँ रखें कि छड़ संतुलित रहे, बस कब उलटती है, स्थायी, अस्थायी और उदासीन संतुलन: सिमुलेशन और हल उदाहरणों सहित।

कक्षा 11

कमानी-द्रव्यमान की सरल आवर्त गति

कमानी से लटके द्रव्यमान की सरल आवर्त गति खुद चलाकर देखें। हुक का नियम, T = 2π√(m/k), ऊर्जा रूपांतरण, श्रेणी व समानांतर कमानी, हल किए गए प्रश्न और CBSE अभ्यास।

कक्षा 11

सदिशों का योग: त्रिभुज और समांतर चतुर्भुज नियम

दो सदिशों का परिणामी, त्रिभुज और समांतर चतुर्भुज नियम, घटक, नदी में नाव और बारिश में छाते का आपेक्षिक वेग खुद करके देखें। हल किए प्रश्न और NCERT अभ्यास सहित।

कक्षा 11

सापेक्ष वेग: रेलगाड़ियाँ और नदी पार करना

दो रेलगाड़ियों और नदी पार करते तैराक को खुद चलाकर देखो। सापेक्ष चाल, रेलगाड़ी के पार होने का समय, कोण, बहाव, सबसे कम समय बनाम सबसे छोटा रास्ता, हल के साथ।

कक्षा 11

केपलर के नियम और दीर्घवृत्ताकार कक्षा

उत्केंद्रता स्लाइडर खींचकर कक्षा को लंबा होते देखो। बराबर समय में बराबर क्षेत्रफल के सेक्टर, आवर्तकाल का नियम T² ∝ a³ और पलायन वेग, हल के साथ।

कक्षा 11

न्यूटन का गुरुत्वाकर्षण नियम, g और उपग्रह

दो पिंडों का खिंचाव, व्युत्क्रम वर्ग ग्राफ़, पृथ्वी के ऊपर-नीचे g और उपग्रह की कक्षा खुद चलाकर देखें। कक्षीय चाल, आवर्तकाल, पलायन वेग और हल किए गए सवाल।

कक्षा 11

तार और नलियों में अप्रगामी तरंगें

सिमुलेशन में तार छेड़ें और खुली-बंद नलियों में फूँकें। निस्पंद, प्रस्पंद, हार्मोनिक देखें और जानें कि लंबाई, तनाव व तापमान सुर कैसे तय करते हैं, हल किए गए सवालों सहित।

कक्षा 11

अनुनाद नली और ध्वनि की चाल

अनुनाद नली में पानी का स्तर खिसकाकर तेज़ आवाज़ की जगहें खुद खोजें। L1 = λ/4 − e और L2 = 3λ/4 − e देखें, v = 2f(L2 − L1) से ध्वनि की चाल निकालें और हल किए गए सवाल करें।

कक्षा 11

विस्पंद: दो पास-पास के सुरों की धड़कन

लगभग बराबर आवृत्ति की दो तरंगें जोड़कर तीव्रता की धड़कन देखें। आवरण देखें, विस्पंद आवृत्ति |f₁ − f₂| पढ़ें, आवाज़ सुनें और गिटार को विस्पंद से मिलाना सीखें, हल किए गए सवालों के साथ।

कक्षा 11 · 12

डॉप्लर प्रभाव: चलता स्रोत, चलता श्रोता और सोनिक बूम

ध्वनि के स्रोत को तेज़-धीमा चलाइए और देखिए तरंगाग्र आगे कैसे सिकुड़ते और पीछे कैसे फैलते हैं। डॉप्लर सूत्र, एम्बुलेंस और ट्रेन के हल किए सवाल और सोनिक बूम सीखिए।

कक्षा 10 · 12

प्रिज़्म, प्रकाश का वर्ण-विक्षेपण और इंद्रधनुष

सफ़ेद प्रकाश को प्रिज़्म से गुज़ारिए, प्रिज़्म कोण और आपतन कोण बदलिए और स्पेक्ट्रम बनते देखिए। विचलन, न्यूनतम विचलन, विक्षेपण क्षमता और वर्षा की बूँद में इंद्रधनुष बनना हल किए सवालों के साथ सीखिए।

कक्षा 12

किरख़ोफ़ के नियम: संधि नियम और लूप नियम

दो बैटरियों और तीन प्रतिरोधों वाला दो-लूप परिपथ खुद बनाओ। संधि पर धारा को बँटते देखो, विभव के योग को शून्य बनते देखो और किरख़ोफ़ के नियमों के सवाल कदम-दर-कदम हल करना सीखो।

कक्षा 12

व्हीटस्टोन सेतु और मीटर सेतु

व्हीटस्टोन सेतु का संतुलन बिगाड़कर गैल्वेनोमीटर की सुई को हिलते देखो। P/Q = R/S होने पर सुई शून्य पर आती है। मीटर सेतु में जॉकी खिसकाकर अज्ञात प्रतिरोध मापो, हल किए उदाहरणों के साथ।

कक्षा 12

एकल झिरी से विवर्तन

झिरी की चौड़ाई और तरंगदैर्घ्य बदलकर देखें कि प्रकाश कैसे फैलता है। तीव्रता का सूत्र I = I₀(sin β/β)², निम्निष्ठ की शर्त a sin θ = mλ और केंद्रीय उच्चिष्ठ की चौड़ाई 2λD/a, हल सहित।

कक्षा 10 · 12

आँख के दोष और उनका निवारण

सामान्य, निकट-दृष्टि, दूर-दृष्टि और बढ़ती उम्र वाली आँख बदलकर देखें। प्रतिबिंब रेटिना के आगे या पीछे क्यों बनता है, और कौन-सा लेंस कितनी डायोप्टर से इसे ठीक करता है, सिमुलेशन में समझें।

कक्षा 12

प्रकाश का ध्रुवण: मैलस का नियम और ब्रूस्टर का नियम

ध्रुवक के पीछे विश्लेषक घुमाकर ग्राफ़ में I = I₀cos²θ देखें, फिर काँच पर प्रकाश डालकर ब्रूस्टर कोण खोजें। पोलरॉइड धूप का चश्मा, तीन फ़िल्टर की पहेली और हल किए सवालों के साथ।

कक्षा 12

संधारित्र का आवेशन और विसर्जन: RC समय स्थिरांक

प्रतिरोध के सहारे संधारित्र को आवेशित और विसर्जित करो। E, R और C बदलकर V = E(1 − e^(−t/RC)) और धारा का वक्र बनते देखो, 63% वाला समय स्थिरांक और संचित ऊर्जा निकालो।

कक्षा 10 · 12

चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ: छड़ चुंबक, धारावाही तार और परिनालिका

छड़ चुंबक, सीधे धारावाही तार और परिनालिका की चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ देखो। कंपास खींचो, धारा पलटो और B = μ₀I/2πr, B = μ₀nI व दाएँ हाथ का नियम सीखो।

कक्षा 12

एसी जनित्र

चुंबक के ध्रुवों के बीच कुंडली घुमाकर एसी जनित्र की साइन तरंग बनते देखिए। N, A, B और rpm बदलकर E₀ = NBAω और आरएमएस मान निकालिए, और जानिए मेन्स 50 Hz क्यों है।

कक्षा 10 · 12

ट्रांसफ़ॉर्मर

ट्रांसफ़ॉर्मर के प्राथमिक और द्वितीयक फेरे बदलकर देखिए वोल्टता कैसे बढ़ती-घटती है। Vs = Vp·Ns/Np, शक्ति संरक्षण, वास्तविक दक्षता और उच्च वोल्टता पर बिजली भेजने का कारण समझिए।

कक्षा 9 · 12

ऊष्मा का स्थानांतरण: चालन, संवहन और विकिरण

ताँबे, ऐलुमिनियम, काँच या लकड़ी की छड़ गरम करके Q/t = kAΔT/L देखें, बीकर में संवहन धाराओं को घूमते देखें, और T⁴ के अनुसार विकिरित शक्ति का बढ़ना जाँचें। सारणियों और हल किए सवालों के साथ।

कक्षा 12

प्रकाश-विद्युत प्रभाव: आइंस्टाइन का समीकरण और निरोधी विभव

निर्वात नली में सोडियम, जस्ते या ताँबे की पट्टिका पर किसी भी तरंगदैर्घ्य का प्रकाश डालें। देखें कि देहली आवृत्ति के नीचे इलेक्ट्रॉन क्यों नहीं निकलते, K = hf − φ निरोधी विभव कैसे तय करता है, और चमक सिर्फ़ धारा क्यों बदलती है।

कक्षा 10 · 12

मोटर प्रभाव: धारावाही तार पर बल और डीसी मोटर

चुंबकीय क्षेत्र में धारावाही तार रखने पर वह कैसे धक्का खाता है, खुद देखिए। B, I, L और कोण बदलिए, फ्लेमिंग के बाएँ हाथ के नियम की जाँच कीजिए, फिर विभक्त-वलय दिक्परिवर्तक वाली डीसी मोटर घुमाकर बल-आघूर्ण का ग्राफ़ देखिए।

कक्षा 11 · 12

गैस के अणु और अणुगति सिद्धांत: दाब, तापमान और चाल

डिब्बे में गैस के अणुओं की भागदौड़ देखिए। तापमान बढ़ाइए, गैस बदलिए, आयतन दबाइए और देखिए कि दीवारों पर टक्करों से मिला दाब PV = NkT से मेल खाता है। चाल की तुलना मैक्सवेल-बोल्ट्ज़मान वक्र से कीजिए और वर्ग-माध्य-मूल चाल निकालिए।

कक्षा 12

अर्धचालक डायोड: p–n संधि, I–V वक्र और दिष्टकारी

p–n संधि पर बायस लगाकर देखिए कि अवक्षय परत कैसे सिकुड़ती या फैलती है, आवेश वाहक कैसे पार होते हैं और शॉकली I–V वक्र कैसा बनता है। सिलिकन और जर्मेनियम की तुलना, भंजन और अर्धतरंग दिष्टकारी।

कक्षा 10 · 12

रेडियोधर्मी क्षय: अर्द्ध-आयु, क्षय का नियम और भेदन क्षमता

240 नाभिकों को अनियमित ढंग से क्षय होते देखो, गिनती को N = N₀e^(−λt) पर चलते पाओ, ग्राफ़ से अर्द्ध-आयु निकालो और परखो कि α, β, γ कागज़, एल्युमिनियम और सीसे में कितना घुस पाते हैं।

कक्षा 12

बोर परमाणु: कक्षाएँ, ऊर्जा स्तर और हाइड्रोजन स्पेक्ट्रम

हाइड्रोजन के इलेक्ट्रॉन को n = 1 से 6 कक्षाओं में कूदते देखो, 1/λ = R(1/n₁² − 1/n₂²) से फोटॉन का रंग निकालो, और ऊर्जा आरेख व स्पेक्ट्रम पट्टी पर लाइमन, बामर और पाशन श्रेणी समझो।

अन्य विषयों के एनिमेशन

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प्रतिरक्षा अनुक्रिया: प्राथमिक और द्वितीयक प्रतिपिंड अनुक्रिया

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त्रिकोणमितीय अनुपात और इकाई वृत्त

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द्विघात समीकरण और द्विघात फलन का ग्राफ़

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वृत्त के प्रमेय

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ऊँचाई और दूरी: उन्नयन कोण और अवनमन कोण

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प्रायिकता: प्रयोगसिद्ध बनाम सैद्धांतिक प्रायिकता

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समांतर और गुणोत्तर श्रेढ़ी

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माध्य, माध्यिका और बहुलक

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समुच्चय और वेन आरेख

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रैखिक समीकरण युग्म और सरल रेखा का आलेख

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sin, cos, tan के आलेख

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पूर्ण वर्ग बनाने की विधि और द्विघात समीकरण

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वृत्त का क्षेत्रफल: सूत्र, उपपत्ति और हल किए प्रश्न

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ठोस का आयतन और पृष्ठीय क्षेत्रफल: घन, घनाभ, बेलन, शंकु, गोला

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समरूप त्रिभुज: स्केल गुणक, AA, SSS, SAS नियम और छाया से ऊँचाई

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निर्देशांक ज्यामिति: दूरी, मध्य-बिंदु, ढाल, विभाजन सूत्र और बिंदुपथ

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शांकव परिच्छेद: वृत्त, दीर्घवृत्त, परवलय और अतिपरवलय

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फलनों का रूपांतरण: खिसकाना, खींचना और पलटना

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अवकलज: स्पर्श रेखा की ढाल, छेदक से स्पर्श रेखा तक

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रीमान योग और समाकलन: वक्र के नीचे का क्षेत्रफल

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सीमा और ε–δ परिभाषा: चित्र में समझिए

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त्रिविमीय सदिश: योग, डॉट गुणन और क्रॉस गुणन

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आव्यूह रूपांतरण: घूर्णन, परावर्तन, अपरूपण और सारणिक

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सम्मिश्र संख्याएँ: आर्गंड तल पर योग, गुणन, घात और मूल

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बाइनरी संख्या पद्धति: स्थानीय मान, रूपांतरण और जोड़